2021/06/25

समस्तीपुर में नवजात बच्ची को निजी अस्पताल में भर्ती कराकर फरार हो गई महिला

SAMASTIPUR : समस्तीपुर लोकलाज, कानूनी डर और उत्पन्न होने वाले संभावित समस्या से बचने के लिए अनचाहे अवैध नवजात को मां और परेशान स्वजन द्वारा कूड़ेदान, अनाथालय गेट के समीप, अस्पताल के आसपास एवं किनारे छोड़ दिया जाता है। लेकिन, इस बार नवजात बच्ची को एक महिला ने आठ दिन पूर्व शहर के काशीपुर स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया। उसके बाद वह भी पांच मिनट में वापस आने की बात कहकर फरार हो गई। 

नर्सिंग होम के संचालक आठ दिनों तक बच्ची का उपचार करते रहे। लेकिन, अंतत: किसी के नहीं आने पर बुधवार की रात्रि दत्तक संग्रह संस्थान को पूरे मामले की जानकारी दी। सूचना मिलते ही संस्थान की टीम तत्काल उक्त नर्सिंग होम में पहुंची। टीम में समन्वयक अनिपा कुमारी, गृह प्रभारी सौरभ कुमार शामिल रहे। 

इसके बाद मामले की जांच पड़ताल करते हुए टीम बच्ची को लेकर सदर अस्पताल के एसएनसीयू में पहुंची। यहां पर ऑन ड्यूटी डॉ. अनिल कुमार कंचन ने तत्काल भर्ती करते हुए उसका इलाज शुरू किया। 

आठ दिनों से प्राइवेट अस्पताल में चल रहा था इलाज

शहर के काशीपुर स्थित ग‌र्ल्स हाई स्कूल में एक प्राइवेट हॉस्पीटल में नवजात बच्ची का पिछले आठ दिनों से इलाज चल रहा था। नवजात बच्ची को 15 जून को ही भर्ती कराया गया था। अस्पताल के संचालक आठ दिनों तक बच्ची के परिजनों के आने का इंतजार करते रहे। लेकिन उनके नहीं आने के बाद बुधवार को दत्तक संग्रह संस्थान को पूरे मामले की जानकारी दी। अज्ञात व लावारिस बच्चे को पालना गृह में डालने की अपील

अज्ञात व लावारिस बच्चों को सम्मानजनक जिदगी देने के लिए जिला बाल संरक्षण इकाई की ओर से पूर्व में ही एक अच्छी पहल की गई। सदर अस्पताल समेत दो स्थानों पर पालना शिशु संग्रह केंद्र लगाया गया था। परित्यक्त बच्चे को पालना गृह में डालने को कहा गया है। उक्त जानकारी केंद्र के संचालक डॉ. सत्य प्रकाश तिवारी ने दी। जिला बाल संरक्षा इकाई की सहायक निदेशक गायत्री कुमारी ने बताया बच्चे को यत्र-तत्र ना फेंके। किसी कारणवश पालने में सक्षम ना हो तो पालना शिशु संग्रहण केंद्र ममता शिशु गृह दुधपुरा में छोड़ दें।