2021/04/11

ओम कुमार सिंह ने अपने संघर्ष के बदौलत बनाई अपनी पहचान

DESK : बिहार राज्य के सोनपुर में दो दशक के लंबे संघर्ष के बाद बिहार की राजनिति में सशक्त पहचान बनाई है ओम कुमार सिंह। महज 25 वर्ष की अल्पायु में ही अधिवक्ता संध सोनपुर अनुमंडल न्यायालय के अध्यक्ष बनने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता सह सोनपुर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के भावी प्रत्याशी ओम कुमार सिंह किसी परिचय पहचान के मोहताज नहीं हैं। महज 25 वर्ष की अल्पायु में ही इस प्रतिष्ठित पद तक पहुंचने वाले एकमात्र ये सदस्य हैं।

बता दें कि इसके लिए गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी इनके नाम को भेजने की तैयारी चल रही है। वैसे इसकी पूर्ण जानकारी अभी प्राप्त नहीं हो सकी है। वहीं 9 inप्राप्त सूत्रों के अनुसार बताया जा रहा है कि बिहार के तत्कालीन विधि मंत्री के द्वारा इन्हें गोल्ड मैडल से सम्मानित किया गया। 

वहीं सोनपुर के चर्चित समाजसेवी लगन देव सिंह उर्फ राजा बाबू के पुत्र ओम कुमार सिंह के परिवार का सामाजिक गतिविधियों में सोनपुर ही नहीं,पूरे सारण प्रमंडल और बिहार में एक अलग स्थान रहा है। आगे आपको बता दें कि सोनपुर मेले के इतिहास के साथ इनके परिवार का इतिहास जुड़ा हुआ है।

मिली जानकारी के अनुसार ओम कुमार सिंह ने 1995 में नीतीश कुमार के कहने पर समता पार्टी के उम्मीदवार के तौर पर सोनपुर विधानसभा क्षेत्र से नामांकन भी किया था,परंतु बाद में राजनीतिक कारणों से उन्होंने अपना नाम वापस ले लिया। बिहार के 4 मुख्यमंत्रियों और देश के 1 प्रधानमंत्री के साथ भी इन्हे काम करने का मौका मिला। 

प्रधानमंत्री रहे स्वर्गीय चंद्रशेखर,बिहार के मुख्यमंत्री रहे स्वर्गीय राम सुंदर दास,स्वर्गीय डॉ.जगन्नाथ मिश्रा,पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी व नीतीश कुमार के साथ ही उन्होंने लंबा राजनीतिक यात्रा की है। वहीं पहलेजा दीघा रेल पुल बनाओ समिति के अध्यक्ष रहे ओम कुमार सिंह सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में सदैव सक्रिय रहे। 

जबकि छात्र जीवन में ये छात्र नेता के रूप में अपनी पहचान बनाने में सफल रहे हैं। बाद के दौर में भी ये राजनीतिक रूप से काफी सक्रिय रहे। वहीं सारण प्रमंडल के जनताओं ने बताया कि ओम कुमार सिंह ने कभी भी पद की लालसा में राजनीति नहीं की। देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय चंद्रशेखर के काफी करीबी थे।

उनके साथ कई कार्यक्रमों में शिरकत किये।साथ ही साथ सारण प्रमंडल और सोनपुर इलाके के लोगों के कल्याण के लिए कई उल्लेखनीय कार्य किये।

एक अधिवक्ता के तौर पर क्षेत्र के कमजोर तबकों के हक के लिए सदैव जहां खड़े रहे, वहीं उनके दरवाजे जरूरतमंदों की सहायता के लिए भी सदैव खुले रहे।राजनीतिक गतिविधियों में इन्होंने कभी भी विधायक या सांसद बनने की लालसा नहीं रखी। 

निस्वार्थ भावना से जिस दल में रहे,उसकी सेवा करते रहे। इनके घर पर बिहार के चार-चार मुख्यमंत्री,देश के प्रधानमंत्री के साथ-साथ,देश के सभी प्रमुख दलों के राजनेताओं का आना-जाना लगा रहता है।

वरिष्ठ संवाददाता संजय कुमार सिंह के साथ अनूप नारायण सिंह की रिपोर्ट