2021/04/25

"राष्ट्रकवि दिनकर साहित्य रत्न" से सम्मानित हुए फिल्म अभिनेता-अमिय कश्यप

SAMASTIPUR -"युवाओं,शोषितों,पीड़ितों की आवाज़ थे दिनकर,ओजस्वी थे,तेजस्वी थे,यशस्वी थे युगधर्म के हुंकार थे दिनकर" जैसी अपनी रचना के साथ मिथिलांचल के वरिष्ठ साहित्यकार चाँद मुसाफिर ने राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर के 47 वें पुण्यतिथि पर जिले के विभूतिपुर प्रखंड क्षेत्र के टभका स्थित उनके आदमकद प्रतिमा पर साहित्यकारों ने पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धा के साथ याद किया।

अरुण मालपुरी ने दिनकर को समर्पित अपनी रचना "दिनकर तूने कर दिया। कमाल हिंदी जगत में तेरे सिवा किसे है रहा मलाल" का पाठ कर उन्हें याद किया।मौके पर उपस्थित बिहार सिने आर्टिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष सह हिंदी-भोजपुरी एवं मैथिली फिल्मों के अभिनेता अमिय कश्यप ने कहा कि राष्ट्रकवि दिनकर साहित्य के जगत के महानायक थे। 

उनकी रचनाएं न सिर्फ साहित्यकारों,कलाकारों के लिए बल्कि समाज के सभी व्यक्तियों के लिए भी प्रेरणादायक है।उनकी कवितायेँ ऊर्जान्वित करने के साथ ही आत्मसम्मान को भी जागृत करती हैं।युवा कवि कुमार अमरेश ने अपनी रचना "नागार्जुन दिनकर के वंशज बलि चढ़ाए जाते हैं" के माध्यम से उन्हें याद किया। 

वहीं कवि अनिल अग्निहोत्री ने मिला दिनकर को राष्ट्रकवि का उपहार,जय बिहार जयजय बिहार" का पाठकर राष्ट्रकवि को याद किया।उक्त अवसर पर चाँद मुसाफिर ने अपनी संस्था "अभिव्यक्ति" के द्वारा अपने- अपने क्षेत्र में विशिष्ट उपलब्धि के लिए हरेकृष्ण ठाकुर, अभिनेता अमिय कश्यप,कवि सुमन कुमार मिश्र,अनिल अग्निहोत्री को "राष्ट्रकवि दिनकर साहित्य रत्न" सम्मान के प्रशस्ति पत्र  से सम्मानित किया।मौके पर प्रो.शशिभूषण चौधरी,प्रियरंजन ठाकुर,केशव चौधरी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति एवं साहित्यकार उपस्थित थे।

वरिष्ठ संवाददाता संजय कुमार सिंह की रिपोर्ट