2021/04/23

कोरोना नियमों को 'ठेंगा' दिखाकर आर्केस्ट्रा का किया आयोजन, डांसरों ने लगाए ठुमके, रातभर बार बालाओं को नचाया

BHAGALPUR : बिहार में कोरोना बड़ी तेजी से फैल रहा है. रोजाना हज़ारों नए मामले सामने आ रहे हैं. पटना, गया, भागलपुर, सारण और मुजफ्फरपुर में स्थिति भयावह है. 

संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए नाइट कर्फ्यू लगाया गया है. लेकिन लोगों को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता, वे जमकर कोरोना नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं.

 वहीं, प्रशासन भी ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही. ताजा मामला बिहार के भागलपुर में सामने आया है, जहां कोरोना नियमों को ठेंगा दिखा कर ऑरकेस्ट्रा का आयोजन किया गया.

बिहार सरकार ने पूरे बिहार में फैल रहे कोरोना के चेन को तोड़ने के लिए नाईट कर्फ्यू लगाया है। इसके तहत रात 9 बजे से लेकर सुबह 6 बजे तक लोगों को घर से निकलने की मनाही है। 

लेकिन भागलपुर में प्रशासन की नाक के नीचे सरकार के आदेश का खुल्लमखुल्ला उल्लंघन होता रहा। पूजा के नाम पर रात भर बार बालाएं ठुमके लगाती रहीं और पूरा गांव अश्लील धुनों में मगन होता रहा।

मामला भागलपुर जिला के सुल्तानगंज प्रखंड क्षेत्र के महेशी का है। यहां चैती दुर्गा के साथ-साथ रामनवमी भी मनाया जा रहा था। बताया जाता है कि बुधवार को रामनवमी के अवसर पर हनुमान मंदिर में ध्वजारोहण किया गया। 

ध्वजारोहण के साथ-साथ रामधुन भी हुआ। रामधुन के समाप्त होते ही देर रात करीब 12 बजे के बाद हनुमान मंदिर के बगल में ही चैती दुर्गा के आयोजन में बार बाला अश्लील गानों पर ठुमके लगाती रही।

इस मौके पर पूजा समिति के द्वारा देर रात चले इस कार्यक्रम में अश्लील गानों की धुन पर नर्तकी के साथ-साथ हजारों की संख्या में स्थानीय लोग जमकर झूमे। इस बीच कोरोना संक्रमण के प्रोटोकॉल के तहत सामाजिक दूरी सिमट गई और चेहरे से मास्क गायब हो गया। 

आलम यह था कि वहां हजारों की संख्या में मौजूद भीड़ ना सिर्फ कोरोना संक्रमण को आमंत्रण देती रही, बल्कि अपनी जिंदगी के साथ भी खिलवाड़ करती रही।

इस बाबत सुल्तानगंज के प्रशिक्षु DSP सह थानाध्यक्ष डॉ गौरव कुमार ने बताया कि कार्यक्रम देर रात करीब 1 बजे के बाद शुरू हुआ। 

पुलिस को सूचना मिलते ही पुलिस-प्रशासन ने त्वरित कार्यवाही करते हुए आठ लोगों के विरुद्ध मामला दर्ज करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अन्य की गिरफ्तारी भी की जाएगी। उन्होंने बताया कि डीजे को भी जब्त किया गया है।

डॉ. गौरव कुमार ने बताया कि इस प्रकार के आयोजन की कोई सूचना नहीं दी गई थी। शांति समिति की बैठक में इस तरह के कार्यक्रम करने की सख्त मनाही की गई थी। 

बावजूद इसके ऐसा कार्यक्रम आयोजित किया गया। सूत्रों की मानें तो स्थानीय गश्ती पुलिस को इसके संबंध में जानकारी थी। स्थानीय लोगों ने जब पुलिस पदाधिकारियों को फोन किया तब दबाव में आकर कार्यवाही की गई है।