SAMASTIPUR : रोसड़ा प्रखंड अंतर्गत महुली गांव में कोरोना से एक शिक्षक की मौत हो गया।शिक्षक की मौत के बाद डीएमसीएच दरभंगा अस्पताल से शव एंबुलेंस से लाया गया ।बताया जा रहा है कि देर रात्रि लगभग 1:00 बजे एंबुलेंस सड़क किनारे लगी एंबुलेंस देख गांव में दहशत जैसी माहौल उत्पन्न हो गया।
माने तो जैसे कोई विस्फोटक सामान गांव में रख कर गया। मृत शिक्षक के शव एंबुलेंस मैं रखा रहा, नहीं मित्र शिक्षक के परिजन देखने गया, ना ही कोई पदाधिकारी उसे झांकने गया यूं ही एंबुलेंस सड़क के किनारे लगी रही। इस इंतजार में कि कोई आकर शव को एंबुलेंस से उतार कर रखेंगे ।
स्थानीय प्रतिनिधि एवं परिजनों द्वारा रोसड़ा प्रखंड विकास पदाधिकारी अनुरंजन कुमार को सूचना दिया गया। बावजूद कोई पदाधिकारी उस जगह पर नहीं पहुंचे। रात्रि से सुबह हो गया पर पदाधिकारी झांकने तक नहीं पहुंचे ।अंत में अनुमंडलीय अस्पताल रोसड़ा से चार पीपी किट लेकर परिजन गए और दाह संस्कार की तैयारी में जुटे।
बताया जा रहा है मृत शिक्षक के 3 पुत्री एवं 1 पुत्र है। बताया जा रहा है मृत शिक्षक के दो भाई एवं साला तथा दमाद द्वारा दाह संस्कार की अंतिम प्रक्रिया को पूरा किया गया।इस संकट की घड़ी में नहीं समाज का कोई व्यक्ति खड़ा नहीं हुआ ।
नाहीं कोई पदाधिकारी गांव पहुंचकर संवेदना व्यक्त किए ।संवेदना दूर की बात है कोरोना काल में कोई सुविधा मुहैया नहीं करवाया दाह संस्कार करने वक्त भागे रहे गांव के लोग परिजन ही पीपी कीट पहनकर किया दाह संस्कार। शिक्षक की मौत के बाद न अपना रहा ना कोई बिराना पहुंचा।
पलटन साहनी संवाददाता समस्तीपुर की रिपोर्ट

