SAHARSA : कहते हैं जहां बुराई होती है। वहीं अच्छाई के भी बीज मौजूद होते हैं। हालांकि अच्छाई को देर अवश्य होती है। लेकिन बुराई पर जीत अच्छाई से ही की जाती है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा दसवीं बोर्ड परीक्षा का परीक्षा फल जारी किया गया। जिसमें बिहार के टॉप 10 छात्रों में दसवें स्थान एवं जिले के दूसरे स्थान पर सलखुआ प्रखंड के अमित कुमार काबिज हुए।
अमित का गांव जिस इलाके में अवस्थित है। वह इलाका जिले के सबसे अधिक अपराधग्रस्त इलाके की शुमार में शामिल है। जहां बात-बात पर एक-दूसरे के सीने पर गोली उतार दी जाती है, तो छोटे से जमीन के टुकड़े के लिए हत्याओं का दौर चल पड़ता है तो कभी नदी घाट की कब्जा जमाने के लिए भी बंदूके गरजती है।
ऐसे इलाके में जन्म लेने के बाद उनसे शिक्षा का दीप जलाना शायद नामुमकिन बातें कही जा सकती है। लेकिन सलखुआ प्रखंड के बनकटी गांव, वार्ड नंबर 17 निवासी अरविंद यादव के पुत्र अमित कुमार ने इसे सचकर दिखाया है। छात्र अमित ने बताया कि उनके (साक्षर) पापा उनके आदर्श हैं। वे नई दिल्ली में बीते 20 वर्षों से टाइल्स मिस्त्री के रूप में काम करते हैं। वहीं उनकी मां भागो देवी (साक्षर) घरेलू महिला है।
वे परिवार की देखरेख करती है। ऐसे में उनके पिता ने अपने तीनों पुत्र और एक पुत्री को सहरसा में रखकर पढ़ाया। जिसके परिणाम स्वरूप जहां उनके बड़े भाई अमोज कुमार नई दिल्ली रेलवे में टेक्नीशियन के पद पर वर्ष 2019 में नियुक्त हुए। वहीं वे जिला स्कूल एवं शिवपुरी बाईपास रोड अवस्थित पाठशाला कोचिंग में पढ़ाई कर बिहार के टॉप 10 छात्रों की छात्र में शामिल हुए है। उन्होंने बताया कि वे आगे चलकर डॉक्टर बनना चाहते हैं। जिससे जहां उनके इलाके में स्वास्थ्य सुविधा का विकास होगा। वहीं उनके देखा देखी अन्य बच्चे भी हथियार को छोड़कर पढ़ाई करने में शामिल होंगे। उन्होंने पाठशाला के शिक्षक पप्पू कुमार और अपने पापा अरविंद कुमार को अपनी सफलता का श्रेय दिया है।
बता दें कि मैट्रिक परीक्षा में उनका रोल नंबर 2100048, रोल कोड 41001 था और उन्हें 475 अंक प्राप्त हुए हैं। उनकी सफलता पर उनके परिजन सहित शिक्षक काफी खुश दिखे। उनके मित्रों ने कहा कि अमित की सफलता से उन्हें गर्व महसूस हो रहा है। वहीं पाठशाला शिक्षण संस्थान के डायरेक्टर अरविंद कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि उनके संस्थान के जितने भी बच्चे 10वीं की बोर्ड परीक्षा में शामिल हुए सभी फस्ट डिवीजन से उत्तीर्ण हुए हैं।
उन्होंने इसका श्रेयः कोचिंग के सभी शिक्षकों के साथ साथ विद्यार्थियों को दी है। क्योंकि उनके लगन और कड़ी मेहनत की बदौलत ही उन्हें ये सफलता मिली है। श्री कुमार ने चैनल के माध्यम से दर्शकों से कहा कि शिक्षा ऐसा चीज है जो हमारे जीवन को बदल सकता है। ये एकमात्र ऐसा चाभी है जो हमारे जीवन के स्तर को बदल सकता है। बुरे वक्त में भी हमें मेहनत करना चाहिए, अगर हम मेहनत करेंगे तो देर से ही सही लेकिन सफलता जरूर हाथ लगेगी।
रिपोर्ट -रितेश हन्नी @सहरसा