बिहार राज्य के थाना तरियानी लक्ष्मीपुर गांव निवासी धीरज यादव कोरोना काल में घर आए थे। शनिवार को अपनी गर्भवती पत्नी कीर्ति यादव व एक बेटी के साथ डबल डेकर बस में सवार होकर गोरखपुर से आनंद विहार दिल्ली के लिए निकले।
बस अभी नेशनल हाईवे के कप्तानगंज के पास पहुंचने वाली ही थी तभी कीर्ति को प्रसव पीड़ा होने लगी। बस जब तक कप्तानगंज में हाईवे पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सामने रुकती बस में ही कीर्ति ने बच्ची को जन्म दिया। बस चालक सोनू चौधरी और कंडक्टर ने सीएचसी कप्तानगंज के सामने बस को खड़ी किया और दौड़कर दोनों स्वास्थ्य केंद्र में गए।
यहां स्वास्थ्यकर्मियों से मनुहार की और उनको बस तक ले आए। स्टाफ नर्स दीप्ति सिंह व दाई संगीता, किस्मता और चंपा देवी तत्काल बस में पहुंची। नन्हीं परी को गोद में उठाया और प्रसूता को अस्पताल में लेकर गई।
एहतियात के तौर पर दोनों को अस्पताल में 24 घंटे भर्ती किए जाने की आवश्यकता बताई। महिला का पति चाह रहा था कि वह इलाज के बाद उसी बस से चले जाएं। बस में सवार सभी यात्रियों ने रुकने की सलाह दी तो उसके मुंह से पैसे न होने की बात सामने आ गई।
दरअसल इनके पास किराए के लिए ही केवल पैसे थे। यात्रियों ने चंदा लगाकर पांच हजार रुपये जुटाए और दंपती को दे दिए। कहा यह नन्हीं परी के लिए उपहार स्वरूप है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराने के बाद यात्री प्रसूता व बच्ची को आशीर्वाद देकर चले गए।