और चलती ट्रेन में ही करीब 40 किलाेमीटर तक चादर का घेरा बनाए रख कर उक्त महिला यात्री का प्रसव कराया। उसी घेरे में महिला ने पुत्र काे जन्म दिया ताे बाेगी की अन्य महिला यात्रियाें के साथ महिला पुलिसकर्मियाें ने साेहर भी गाए। सबने प्रसूता काे बधाई दी।
उसके बाद साेनपुर जंक्शन पर ट्रेन काे करीब 20 मिनट तक राेकवाकर महिला काे व्हील चेयर से रेल अस्पताल ले गईं। चिकित्सकाें ने जच्चा-बच्चा दाेनाें काे देखा। फिर उन्हें ट्रेन पर चढ़ा दिया गया। तब ट्रेन वहां से रवाना की गई। सारा खर्च रेलवे ने वहन किया।
बता दें कि खगड़िया जिले के झीमा अमाैसी की रहनेवाली फूलाे देवी पति के साथ नई दिल्ली से वैशाली सुपरफास्ट ट्रेन में आ रही थी। छपरा से ट्रेन खुली ताे बड़ा गाेपालपुर स्टेशन के समीप उन्हें प्रसव पीड़ा शुरू हुई।
पहला प्रसव हाेने के कारण उनके पति घबरा गए। लेकिन, इसकी खबर जैसे ही ट्रेन में तैनात आरपीएफ की सिपाही हरप्रीत काैर व स्वेता लाेधी काे लगी, वह फाैरन वहां पहुंच गईं।
बैग से साड़ी निकालकर घेरा बनाया। करीब एक घंटा बाद महिला ने चलती ट्रेन में ही नवजात काे जन्म दिया। इस बीच इंचार्ज मुकेश कुमार ने कंट्राेल काे सूचित किया।
ट्रेन के साेनपुर पहुंचने पर पहले से तैनात आरपीएफ जवान व चिकित्सक ने रेल अस्पताल ले जाकर जच्चे-बच्चे की जांच की।
ट्रेन की उस बोगी में तैनात सभी यात्रियों ने इन महिला आरपीएफ सिपाहियों की सराहना की। आरपीएफ इंस्पेक्टर वीपी वर्मा ने बताया कि मुजफ्फरपुर पाेस्ट का ही महिला एस्काॅर्ट दस्ता वैशाली एक्सप्रेस में तैनात था।