स्वजनों ने बताया कि दिलीप हर दिन सुबह में उठकर घर के बाहर साफ-सफाई करते थे। परंतु बुधवार की सुबह देर तक कोई चहल-पहल नहीं देख पत्नी कलावती देवी उन्हें जगाने पहुंची। आवाज देने पर भी कोई हलचल नहीं होने पर उन्होंने कंबल खींचा। खून से सना दिलीप का चेहरा देखकर वह सन्न रह गई। बिछावन पर हर ओर खून पसरा था।
यह देख कलावती दहाड़े मार कर रोने लगी। गांव के लोग दौड़े। हत्या की खबर गांव मे आग की तरह फैल गई। हर कोई वहां का नजारा देखकर सन्न रह गया। सूचना मिलते ही धनगांई थानाध्यक्ष मुनना कुमार एवं एसएसबी जवान घटना स्थल पर पहुंचे। मामले की तहकीकात शुरू कर दी।
जानकारी के अनुसार दिलीप का पुत्र ललित नारायण शराब पीकर गांव में हो हल्ला कर था। इस बात को लेकर बाप-बेटे के बीच बहस हुई। बाद में परिवार वालों ने ललित को रात में घर के एक कमरे में बंद कर दिया था। सुबह पिता की हत्या के बाद ललित को कमरे से निकाला गया।
इस हत्याकांड को लेकर गांव में कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। हालांकि कुछ स्पष्ट नहीं हो सका है। वहीं इस घटना के बाद ग्रामीण काफी सहमे हुए है। गांव वालों का कहना कि गांव के अधिकांश लोग बाहर सोते हैं इस तरह की घटना होगी तो हमलोग कहां जाएंगे।