बाढ़ में बेलछी की अंचलाधिकारी (CO) लीलावती कुमारी मंगलवार को सड़क हादसे में बाल-बाल बच गईं। स्टेयरिंग में खराबी आने के कारण उनकी गाड़ी इटावां गांव के पास एक पईन में पलट गई, जिससे उनकी रीढ़ की हड्डी के नीचे फ्रैक्चर आ गया। हादसे के बाद उनकी गाड़ी 3-4 बार पलटी खा गई। शुक्र है कि हादसे वाली जगह पर दलदल था। कीचड़ के कारण CO लहुलुहान होने से बच गईं।
वे सुबह-सुबह ड्राइवर के साथ बाढ़ के अकबरपुर से ड्यूटी पर बेलछी जाने के लिए निकलीं थीं। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने उन्हें निजी अस्पताल पहुंचाया। उनका इलाज अस्पताल में चल रहा है। बाढ़ थानाध्यक्ष संजीत कुमार ने बताया कि गाड़ी की स्टेयरिंग में खराबी आ जाने के कारण हादसा हुआ। उन्हें एक महीने बेड रेस्ट में रहने को कहा गया है। ड्राइवर छोटू के पैर में भी चोट आई है।
3-4 बार पलटने के बाद रुकी गाड़ी
मंगलवार की सुबह इटावां मोड़ के पास ड्राइवर ने जैसे ही स्टेयरिंग संभाली उसे इसमें खराबी आने का अहसास हो गया। लेकिन, गाड़ी चल रही थी। रास्ते में कहीं रिपेयरिंग का विकल्प भी नहीं था इसलिए बचते-बचाते किसी तरह वह आगे बढ़ रहा था। इसी दौरान गाड़ी अनियंत्रित हो गई और पईन में पलट गई। स्थानीय लोगों ने बताया कि गाड़ी 3-4 बार पलटने के बाद ही रुकी। लीलावती कुमारी नालंदा जिले के नेपुरा की रहने वाली हैं। फिलहाल वह बाढ़ के अकबरपुर में किराए के मकान में रहती हैं। 6-7 महीने पहले ही उनकी पोस्टिंग बेलछी में हुई थी।
CO लीलावती ने खुद बताया, हादसा कैसे हुआ
दुर्घटना के बाद सब ठीक है। फिलहाल तो दर्द नहीं हो रहा है लेकिन सब बोल रहे हैं कि रात में दर्द होगा। असल में इटवां मोड़ के पास, जहां शायद एक मंदिर है वहां गाड़ी का शॉकर टूट गया था। हमारी गाड़ी 3-4 बार पलटी खा गई। शुक्र है कि जहां दुर्घटना हुई वहां दलदल था, इसलिए बैक फोर्स नहीं लगा। मुझे चोट तो लगी, लेकिन कहीं से खून नहीं निकला, कहीं कटा-छिला भी नहीं। रीढ़ की हड्डी के नीचे ज्वाइंट पर हल्का फ्रैक्चर हो गया है।
वहीं पर दर्द हो रहा है। इस हादसे में मेरे ड्राइवर की कोई गलती नहीं है। हादसे के बाद फोटो में दिख रहा है कि गाड़ी का शॉकर टूटा हुआ है। इटवां मोड़ के कुछ दूर पहले ही यह टूट गया था। गाड़ी पलटने के बाद आगे का शीशा भी टूट गया। मैं किसी तरह गाड़ी से बाहर निकली। दलदल से निकलने में स्थानीय लोगों ने मेरी मदद की।