मेंहनगर थाना क्षेत्र के खुंदनपुर गांव निवासी कलामुद्दीन (63) पुत्र जलालुद्दीन बसपा के नेता थे। वे बसपा के टिकट पर दो बार निजामाबाद क्षेत्र से विधानसभा का भी चुनाव लड़ चुके थे। गांव के पूर्व प्रधान भी थे। लखनऊ में रहकर प्रापर्टी डीलिंग का काम भी करते थे। सोमवार की देर शाम लगभग साढ़े छह बजे बाजार से स्कार्पियो पर सवार होकर घर जा रहे थे। कार में परिवार के अन्य लोग भी थे।
कार गांव के समीप पहुंची थी कि दो बाइक सवार चार सशस्त्र बदमाशों ने उन्हें लक्ष्य कर ताबड़तोड़ गोली मार दी। घटना को अंजाम देने के बाद हमलावर असलहा लहराते हुए भाग गए। कलामुद्दीन के पेट में चार गोली लगने से वे गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें घायलावस्था में स्वजन लालगंज सीएचसी से लेकर गए। वहां से डाक्टर ने हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया। स्वजन वाराणसी लेकर पहुंचे तो डाक्टर ने मृत घोषित कर दिया।
मेंहनगर थाना क्षेत्र के खुंदनपुर गांव निवासी कलामुद्दीन की गांव के अलावा अन्य लोगों से भी आपसी अदावत चल रही थी। इसको लेकर पूर्व में भी कई हत्याएं हो चुकी हैं। गांव के ही कामरान की पूर्व में हुई हत्या के भी वे मुख्य आरोपित थे। एसपी सुधीर सिंह ने बताया कि कलामुद्दीन की कुछ लोगों से पुरानी रंजिश चल रही थी।
उनके खिलाफ हत्या के दो व गैंगस्टर समेत कई मामलों में मुकदमे दर्ज थे। हत्या के मुकदमे में वे दो बार जेल भी जा चुके थे। कलालुद्दीन खान के पांच पुत्र व तीन भाई हैं। एक पुत्र लखनऊ में व एक दुबई रहता है। एक दिन पूर्व वे लखनऊ से अपने गांव आए हुए थे।