DESK : जयपुर की मेयर ने महिलाओं के लिए एक बड़ी मिसाल पेश की है. जयपुर नगर निगम (ग्रेटर) की महापौर डॉ. सौम्या गुर्जर ने गुरुवार को एक बच्चे को जन्म दिया है. खास बात यह है कि वह अपनी डिलीवरी के कुछ घंटों पहले तक काम कर रही थीं. जिसकी वजह से उन्होंने इस बात को साबित कर दिखाया है कि कर्म ही पूजा है "Work is Worship!". बता दें कि गुरुवार की सुबह 5.14 बजे बच्चे को जन्म देने से पहले, उन्होंने बुधवार को देर रात तक काम किया.
बच्चे के जन्म के चंद घंटो पहले भी वे काम ही कर रही थीं. यही वजह है कि सोशल मीडिया पर इनकी खूब चर्चा हो रही है.डॉ. सौम्या गुर्जर ने व्यक्तिगत सुख-सुविधाओं से पहले सार्वजनिक सेवा की मिसाल कायम कर दी है. गुरुवार सुबह 5.14 बजे बच्चे को जन्म देने से पहले, बुधवार देर रात तक वे काम कर रही थीं.सौम्या ने गुरुवार सुबह ट्वीट कर कहा, "काम ही पूजा है! देर रात तक निगम ऑफिस में मीटिंग ली, प्रसव पीड़ा शुरू होने पर रात 12:30 बजे कुकुन हॉस्पिटल में भर्ती हुई और सुबह 5.14 पर परमपिता परमेश्वर की कृपा से एक पुत्र को जन्म दिया. मैं और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं."
सौम्या राजस्थान में पहली निर्वाचित महापौर हैं, जिन्होंने पद पर रहते हुए एक बच्चे को जन्म दिया है.महापौर ने केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के 7 फरवरी को राज्य भाजपा कार्यालय में एक दौरे के दौरान बताया था कि गर्भधारण करने के बाद पूर्ण अवधि के दौरान काम करना रोमांचक होता है और यह चुनौतीपूर्ण भी है. उन्होंने कहा था, "नया टास्क करते समय मैं अपने सारे दर्द भूल जाती हूं."
30 जनवरी को जब उनका गर्भकाल पूरा होने ही वाला था, उस समय भी वह आयुष्मान भारत के तहत महात्मा गांधी राजस्थान स्वास्थ्य बीमा योजना के शुभारंभ के मौके पर पहुंची थीं.यही नहीं, उन्होंने नगर निगम का बजट भी पेश किया और पिछले एक महीने के दौरान भी वह कई कार्यक्रमों में हिस्सा ले रही थीं.