SAMASTIPUR : इंटरमीडिएट परीक्षा के तीसरे दिन बुधवार को वरीय उप समाहर्ता सह जोनल मजिस्ट्रेट द्वारा विभिन्न परीक्षा केंद्रों के निरीक्षण के क्रम में पांच परीक्षा केंद्रों से एक दर्जन छात्रा को उस पाली की परीक्षा में लिखने से वंचित कर दिया गया। जबकि, रोसड़ा में दो परीक्षा केंद्रों से कदाचार के आरोप में दो छात्राओं को निलंबित कर दिया। शहर में परीक्षा का प्रश्न पत्र वायरल की अफवाह पर नगर थाना पुलिस ने आधा दर्जन कोचिग संस्थानों में छापेमारी की।
जिले के 82 केंद्रों पर दो पालियों में हुई। प्रशासन की ओर से केंद्रों पर चाक-चौबंद व्यवस्था की गई थी। पहली पाली में परीक्षार्थी रसायन विज्ञान व दूसरी पाली में कला संकाय के परीक्षार्थियों ने अंग्रेजी की परीक्षा दी। प्रथम पाली में कुल 28,254 परीक्षार्थियों में 27,835 ही उपस्थित हुए।
जबकि, 419 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। वहीं द्वितीय पाली में 24,702 में 24,151 परीक्षार्थी उपस्थित हुए। इसमें 551 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। प्रशासन की ओर से सभी केंद्रों पर चाक-चौबंद व्यवस्था की गई थी। पूरी तरह जांच पड़ताल के बाद ही परीक्षा केंद्र के भीतर प्रवेश दिया जा रहा था। 51,986 परीक्षार्थियों ने दी परीक्षा
इंटर परीक्षा की प्रथम पाली में समस्तीपुर में 22,194 परीक्षार्थियों को सम्मिलित होना था। इसमें 21,841 उपस्थित व 353 अनुपस्थित रहे। दलसिंहसराय अनुमंडल के परीक्षा केंद्रों पर 1133 में 1119 उपस्थित व 14 अनुपस्थित रहे। पटोरी अनुमंडल के परीक्षा केंद्रों पर 2303 में 2279 परीक्षार्थी उपस्थित व 14 अनुपस्थित रहे।
रोसड़ा अनुमंडल में परीक्षा केंद्र पर 2624 में 2596 उपस्थित हुए जबकि 28 अनुपस्थित रहे। द्वितीय पाली की परीक्षा में समस्तीपुर में 16,231 में 15,810 उपस्थित और 421 अनुपस्थित रहे। दलसिंहसराय में 2223 में 2174 उपस्थित व 49 अनुपस्थित रहे। पटोरी में 1763 में 1744 उपस्थित व 19 अनुपस्थित रहे। रोसड़ा में 4485 में 4423 उपस्थित एवं 62 अनुपस्थित रहे। पूरी जांच के बाद मिला केंद्र में प्रवेश
कदाचारमुक्त व शांतिपूर्ण परीक्षा संचालन के लिए परीक्षार्थियों की पूरी जांच की गई। केंद्रों पर कोरोना संक्रमण से बचने को लेकर सरकार की ओर से जारी किए गाइडलाइन के अनुसार परीक्षार्थियों की थर्मल स्क्रीनिग की गई। परीक्षार्थियों को तीन लेयर जांच से गुजरना पड़ा।
इस दौरान बोर्ड के निर्देशानुसार परीक्षा केंद्र के मुख्य गेट पर दंडाधिकारी व पुलिस बल के नेतृत्व में जूता पहन कर आए परीक्षार्थियों को जूता-मोजा खुलवाकर जांच किया गया। जबकि कक्ष में पहुंचने से पूर्व केंद्राधीक्षक द्वारा जांच पड़ताल से संतुष्ट होने के बाद परीक्षा कक्ष में जाने की अनुमति दी गई। वहीं परीक्षार्थियों को प्रश्न पत्र व उत्तर पुस्तिका देने से पूर्व जांच करते हुए चीट पुर्जा नहीं रखने और कदाचार न करने की हिदायत दी गई।