बोर्ड अध्यक्ष आनंद किशोर की मानें तो कई लोगों पर प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया गया है। डीएम जमुई और पुलिस अधीक्षक जमुई को इस संबंध में निर्देश दिया गया था। पूरी जांच पड़ताल की गयी है। पुलिस द्वारा इस मामले की विस्तृत छानबीन की जा रही है। समिति के निर्देश के आलोक में प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस जांच कर रही है। जो भी सरकारी या निजी व्यक्ति इस कार्य में सम्मलित पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नियमानुसार गिरफ्तारी की जाएगी और कानूनी प्रावधानों के अनुसार कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।
सामाजिक विज्ञान का पेपर लीक होने के बाद सोशल मीडिया के जरिए पूरे बिहार में वायरल हो गया। इस मामले को विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने भी विधानसभा में उठाया। उन्होने आरोप लगाया है कि बोर्ड की इतनी तैयारी के बाद भी मैट्रिक परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक हो जा रहे हैं। बाद में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पत्रकारों को बताया कि हमने इसकी जांच का आदेश दे दिया है। इस मामले में जो भी दोषी होंगे, उनपर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आपको बता दें कि शुक्रवार को मैट्रिक के सामाजिक विज्ञान की परीक्षा में पहली पाली में कुल 846504 परीक्षार्थी शामिल हुए थे, जिनकी परीक्षा रद्द कर दी गई है. यह परीक्षा अब अगले महीने 8 मार्च को ली जाएगी. बोर्ड की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक जमुई जिले में क्रम संख्या 111-0470581 सोशल मीडिया में वायरल हुआ था.
जाँच में स्पष्ट हुआ कि यह प्रश्न पत्र, जिसका क्रमांक-111-0470581 है, को जमुई जिले में भेजा गया था. जांच में यह पता चला कि क्रम संख्या 111-0470581 सामाजिक विज्ञान का प्रश्न पत्र जमुई के झाझा स्थित स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया के ब्रांच में रखा गया था. शुक्रवार को परीक्षा शुरू होने से पहले ही किसी ने फोटो खींचकर व्हाट्सएप पर उसे वायरल कर दिया.
आपको बता दें कि बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बजट सत्र के दौरान मैट्रिक परीक्षा पेपर लीक मामला सदन में उठाया था, जिसके बाद सरकार ने जांच के भरोसा दिया. खुद विधानसभा के अध्यक्ष ने इस पूरे मामले पर सरकार से जांच कर कार्रवाई करने का आदेश दिया था.

