PATNA : कोरोना काल में पहली बार बिहार बोर्ड इंटर की परीक्षा आज सुबह से कड़ी सुरक्षा-व्यवस्था के बीच शुरू 9:30 बजे से शुरू हो चुकी है। परीक्षार्थियों को परीक्षा शुरू होने से दस मिनट पहले आने को कहा गया है। सभी केंद्रों पर कोविड गाइडलाइन का पालन करना अनिवार्य है। शिक्षा विभाग की ओर से प्रशासनिक तैयारी पूरी कर ली गई है। बिहार के 38 जिलों में 1473 सेंटर पर 13,50,233 स्टूडेंट्स की तैयारी की गई है। इसमें 6,46,540 छात्राओं के साथ 7,03,693 छात्र शामिल हैं। बिहार बोर्ड के साथ सभी जिलों में कंट्रोल रूम बनाकर नंबर जारी कर दिए गए हैं। किसी भी गड़बड़ी पर फोन किया जा सकता है।
बिहार बोर्ड की सभी केंद्रों की मिनट-टू-मिनट रिपोर्ट के लिए एप सिस्टम की व्यवस्था की गई है। सभी केंद्रों पर एक-एक तकनीशियन तैनात किए गए हैं। जो एप के माध्यम से केंद्र की रिपोर्ट तैयार करेंगे। जिससे बोर्ड को हर केंद्र के हर मिनट की जानकारी मिलती रहेगी।
पटना में 85 सेंटर पर 80,882 स्टूडेंट्स का एग्जाम
पटना में इंटर एग्जाम के लिए कुल 85 सेंटर बनाए गए हैं। इसमें 80,882 स्टूडेंट्स परीक्षा देंगे। इसमें 39,093 छात्राएं और 41,789 छात्र शामिल हैं। पटना सदर अनुमंडल में 40, पटना सिटी अनुमंडल में 14, दानापुर अनुमंडल में 12, बाढ़ अनुमंडल में 7, मसौढ़ी अनुमंडल में 5 एवं पालीगंज अनुमंडल में कुल 6 केंद्रों पर परीक्षा ली जाएगी।
हर जिले में चार मॉडल केंद्र
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा के आयोजन के लिए पटना सहित सभी जिलों में 4 माॅडल परीक्षा केन्द्र बनाए गए हैं। यहां छात्राएं ही परीक्षा में सम्मिलित होंगी तथा इन केन्द्रों पर प्रतिनियुक्त केन्द्राधीक्षक, दंडाधिकारी, वीक्षक सहित सभी सुरक्षाकर्मी भी महिलाएं हीं रहेंगी। पटना में बांकीपुर गर्ल्स स्कूल, गर्दनीबाग गर्ल्स स्कूल, शास्त्रीनगर गर्ल्स स्कूल, और जेडी विमेंस कॉलेज को मॉडल सेंटर बनाया गया है।
25 छात्रों पर एक वीक्षक हुए नियुक्त, मोबाइल ले जाने पर रोक
परीक्षा केंद्र में केंद्राधीक्षक के अलावा किसी भी वीक्षक या परीक्षर्थियों को मोबाइल ले जाने की अनुमति नहीं होगी। इंटर की परीक्षा में 25 छात्रों पर एक वीक्षक की नियुक्ति की गई है। एक कक्ष में 2 वीक्षकों की तैनाती की गई है। उन्होंने केंद्राधीक्षक को निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी स्थिति में एक बेंच पर 2 से ज्यादा छात्रों को नहीं बिठाया जाएगा। केंद्र पर दो बार परीक्षार्थियों की जांच की जाएगी। पहली बार केंद्र के मुख्य द्वार पर तो दूसरी बार परीक्षा केंद्र के अंदर जांच किया जाना है।
भास्कर ने उठाया ठंड में परेशानी का मुद्दा
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने राज्य में जारी शीतलहर को देखते हुए इंटर के परीक्षार्थियों को जूता मोजा पहनकर आने की छूट दे दी है। इंटर की परीक्षा 1 फरवरी से शुरू होकर 13 फरवरी तक चलेगी। इससे पहले बिहार बोर्ड ने परीक्षा में शामिल होनेवाले परीक्षार्थियों के लिए जूता मोजा पहनकर आने पर रोक लगाई थी। पिछले 2 सालों से बिहार बोर्ड ने परीक्षा में जूता मोजा पहनकर आने पर रोक लगाया हुआ था। लेकिन पिछले कई दिनों से जारी भीषण ठंड की वजह से इस नियम में परिवर्तन किया गया है। बोर्ड ने कहा है कि सिर्फ इस साल के लिए ही यह नियम बदला गया है।
200 मीटर के दायरे में बंद रहेंगे कोचिंग, फोटो कॉपी की दुकानें
बिहार बोर्ड के निर्देशानुसार इंटर की परीक्षा के दौरान परीक्षा केंद्र से 200 मीटर की परिधि में सभी कोचिंग संस्थान और फोटो कॉपी की दुकानें बंद रहेगी। वहीं परीक्षाकेंद्र के बाहर भी निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरा लगाया जाएगा, ताकि केंद्र के बाहर की निगरानी हो सके। वहीं 500 परीक्षार्थी पर एक-एक वीडियोग्राफर की भी व्यवस्था की गई है।
यह भी जानना है जरूरी
इस वर्ष स्टूडेंट्स के हित में समिति द्वारा सभी विषयों में प्रश्न पत्रों काे हल करने के लिए ऑब्जेक्टिव एवं सब्जेक्टिव दोनों में 100 % अतिरिक्त प्रश्नों का विकल्प दिया जाएगा। उदाहरण के तौर पर 100 अंक के विषय में विद्यार्थी को 50 अंक का ऑब्जेक्टिव प्रश्न करना पड़ता है, जिसमें प्रत्येक प्रश्न 1 अंक का होता है। मतलब संबंधित विषय में इस वर्ष विद्यार्थी से 50 ऑब्जेक्टिव प्रश्नों काे हल करने के लिए 100 ऑब्जेक्टिव प्रश्न पूछे जाएंगे, जिनमें से विद्यार्थी द्वारा किन्हीं 50 प्रश्नों का उत्तर देना होगा। इसी तरह, 2 और 5 अंकों के सब्जेक्टिव प्रश्नों में भी विद्यार्थी को 100 % अतिरिक्त प्रश्नों का विकल्प दिया जाएगा।
समय से चूके तो नहीं मिलेगा परीक्षा केंद्र में प्रवेश
प्रथम पाली के विद्यार्थी को परीक्षा प्रारम्भ होने के समय (सुबह 9ः30 बजे) से 10 मिनट पूर्व यानि सुबह 9ः20 बजे तक तथा द्वितीय पाली के विद्यार्थी को परीक्षा प्रारम्भ होने के समय (दोपहर 1ः45 बजे) से 10 मिनट पहले यानि दोपहर 1ः35 बजे तक ही परीक्षा भवन में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। विलम्ब से आने वाले विद्यार्थी को परीक्षा भवन में प्रवेश की अनुमति नहीं मिलेगी। परीक्षार्थी को परीक्षा कक्ष में 15 मिनट का अतिरिक्त समय प्रश्न पत्र, उत्तरपुस्तिका, ओएमआर उत्तर पत्रक को पढ़ने एवं समझने के लिए दिया जाएगा।