PATNA :पटना से इस वक्त बड़ी खबर सामने आ रही हैं।
पटक कर फाड़ दिया था सिर का पिछला हिस्सा
जिस वक्त संगीता सिन्हा की लाश मिली थी, उस दौरान मौत की वजह साफ नहीं हुई थी। पोस्टमार्टम के दौरान डॉक्टर ने भी अपना ओपिनयन रिजर्व रख लिया था। इसके बाद साल दर साल बीतता चला गया। इस केस के इंवेस्टिगेशन ऑफिसर भी बदलते गए। पिछले साल दिसंबर महीने में महिला सब इंस्पेक्टर रानी कुमारी को इस की जिम्मवारी सौंपी गई थी।
एएसपी लॉ एंड ऑर्डर स्वर्ण प्रभात और थानेदार सुनील कुमार सिंह की तरफ से दिए गए निर्देशों के तहत महिला सब इंसपेक्टर ने इस केस पर काम किया। पिछले 20 दिनों से लगातार वो जय कुमार के मूवमेंट की जानकारी ले रही थीं। साथ ही साथ फोरेंसिक साइंस की रिपोर्ट और एक डॉक्टर के ओपेनियन का उन्हें इंतजार था।
इन दोनों की रिपोर्ट से ही पता चला था कि संगीता सिन्हा की हत्या सिर पटक कर की गई थी। उनके सिर का पिछला हिस्सा बुरी तरह से फट चुका था। एफएसएल की टीम ने 2012 में ही काफी सारे सबूत जुटाए थे। अब इसी आधार पर जय कुमार की गिरफ्तारी का वारंट कोर्ट से मिला। फिर छापेमारी कर उसे पकड़ा गया।
विक्रम थाना से रेप के केस में यह पहले भी जेल जा चुका है। जमानत पर बाहर आया हुआ था। पटना के ही गांधी मैदान थाना में इसके ऊपर एक और आपराधिक मामला दर्ज है। पुलिस के अनुसार जय कुमार भी वकील था। संगीता सिन्हा के साथ इसकी दोस्ती थी, उनके फ्लैट पर अक्सर इसका आना-जाना था।
Input-dainik bhasker