आपको बता दें कि घटना के कुछ ही घंटे बाद मुख्यालय एडीजी जितेंद्र कुमार ने कहा था कि इस हत्याकांड को किसी प्रोफेशनल शूटर ने अंजाम दिया है. उन्होंने कहा था कि "रूपेश हत्याकांड का अनुसंधान चल रहा है. सभी एंगल पर जांच की जा रही है. अभी तक जो इनपुट मिले हैं, उससे लग रहा है कि पुलिस जल्द ही इस मामले का पर्दाफाश कर देगी. पुलिस की अब तक की जांच में यह भी स्प्ष्ट हो गया है कि रूपेश की हत्या सुपारी देकर प्रोफेशनल शूटर से कराई गई थी. ऐसे में एसटीएफ के साथ एसआइटी की टीम शूटरों की तलाश में लगातार इनपुट जुटा रही है. पुलिस की अलग-अलग टीमें छापेमारी भी कर रही है."
पटना के एसएसपी उपेंद्र कुमार शर्मा ने कहा है कि रोडरेज को लेकर रुपेश की हत्या की गई. पुलिस के अनुसार रूपेश हत्याकांड को लेकर जानकारी मिली है कि नवम्बर 2020 में रोडरेज की एक घटना हुई थी. लोजपा कार्यालय के पास रुपेश की गाड़ी से बाइक चोर मरते-मरते बचा था. एसएसपी उपेंद्र शर्मा ने बताया कि ऋतू राज पटना के आदर्श नगर इलाके के रोड नंबर 2 का रहने वाला है. इसका ननिहाल घोषी में है. उन्होंने आगे बताया कि जिस बाइक पर ऋतू राज बैठा था, उस बाइक को आलमगंज के चैलीटांड़ का रहने वाला एक दूसरा अपराधी चला रहा था. ऋतू राज अपाची बाइक पर पीछे बैठा था. इनके साथ पल्सर गाड़ी से दो अन्य अपराधी भी थे.
आपको बता दें कि इस हाईप्रोफाइल हत्याकांड से बिहार में कानून-व्यवस्था को लेकर लगातार गंभीर सवाल खड़े हो रहे थे. आपको बता दें कि 22 दिन पहले 12 जनवरी को पटना एयरपोर्ट से लौटकर अपने घर के बाहर गाड़ी करते ही अपराधियों ने उन्हें ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर मौत के घाट उतार दिया था. रुपेश सिंह अपने परिवार के साथ राजधानी पटना के पुनाईचक स्थित कुसुम विला अपार्टमेंट में रहते थे.
अपार्टमेंट से इसी रास्ते होकर अक्सर रूपेश पटना एयरपोर्ट आते-जाते थे। बताया जा रहा है कि हत्या के दिन भी वह इसी रास्ते एयरपोर्ट पर अपनी ड्यूटी पूरी करने के बाद शाम को अपार्टमेंट लौट रहे थे. आपको याद हो कि रूपेश को पुनाईचक में ठीक उनके अपार्टमेंट के सामने मारा गया था. बाइक सवार बदमाशों ने कार में सवार रुपेश पर ताबड़तोड़ गोलियां दागी थीं. रुपेश को छह गोलियां मारने की बात सामने आई थी. हालांकि रुपेश के शरीर पर 15 से अधिक जख्म के निशान मिले थे. इस हत्या में मुंगेर निर्मित पिस्टल का इस्तेमाल करने की बात सामने आई थी.