बैठक में निर्णय लिया गया कि खेत-खेती- किसान बचाओ - कॉरपोरेट लूट का राज मिटाओ, देश बचाओ-लोकतंत्र बचाओ, मोदी सरकार होश में आओ - किसानों पर हमला बंंद करो, गरीबों को रोजगार दो आदि नारा के साथ किसान आंदोलन को समर्थन दिया जाएगा।वहीं बैठक को संबोधित करते हुए विधायक आलोक मेहता ने कहा कि देश के किसान नये कृषि कानूनों के तहत कॉरपोरेट कम्पनी का गुलाम बनने के खिलाफ आरपार की लड़ाई लड़ रहें हैं। किसानों की आजादी व अधिकारों पर हमला खतरनाक है। यह देश व किसानों के लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला है।
किसानों का देशव्यापी संघर्ष काले कृषि कानूनों को वापस लेने तक जारी रहेगा। वहीं बैठक को सम्बोधित करते हुए माले नेता फूलबाबू सिंह ने कहा कि काले कृषि कानूनों के खिलाफ राज्यव्यापी आह्वान के तहत 30 जनवरी को महात्मा गांधी के शहादत दिवस पर सातनपुर में एन. एच.- 28 और अंगारघाट में रोसड़ा पथ पर बड़े पैमाने पर मानव शृंखला बनाई जाएगी। गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर गांव-पंचायतों में मशाल जुलूस भी निकला जायेगा। मौके पर बैठक को राजद जिला अध्यक्ष राजेंद्र सहनी,राजेश्वर महतो,उमेश चंद्र कुंवर, महेश्वर राय,अशोक पुष्पम,अरुण चौधरी,शंकर प्रसाद राय,सुरेंद्र प्रसाद सिंह,गंगा प्रसाद, सिया शरण पासवान,अजय कुमार आदि ने संबोधित किया।
वरिष्ठ संवाददाता संजय कुमार सिंह की रिपोर्ट