BEGUSARAI : बेगूसराय में पुलिस को लाठीचार्ज करना महंगा पड़ गया। सिंघौल के रतौली में मंगलवार देर रात अलाव ताप रहे ग्रामीणों पर जब पुलिस ने लाठियां बरसाईं तो ग्रामीण आक्रोशित हो गए। उन्होंने वहां आए पुलिसकर्मियों की पिटाई करनी शुरू कर दी। अचानक हुए हमले से पुलिसकर्मियों को भागकर अपनी जान बचानी पड़ी। ग्रामीणों ने उन्हें दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। पुलिसवालों पर पत्थर भी बरसाए। इस मारपीट में कुछ पुलिसकर्मियों के साथ-साथ कुछ ग्रामीणों को भी चोटें आई हैं।
रात में काफी ठंड थी। रतौली में एक ग्रामीण के घर के आगे कुछ लोगों ने लकड़ियां इकट्ठा कर आग जला ली और वहीं पर बैठकर अलाव तापने लगे। अचानक वहां गश्ती पुलिस पहुंच गई और सभी को वहां से चले जाने के कहा। ग्रामीणों ने कहा कि अलाव बुझ जाने दें, आग के ठंडी होते ही चले जाएंगे। ग्रामीणों का यह जवाब पुलिस को नागवार गुजरा। उन्होंने उन पर डंडे बरसाने शुरू कर दिए।
घटना के संबंध में ग्रामीण धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि बीती देर रात करीब साढ़े 12 बजे वह अन्य लोगों के साथ बैठकर अलाव ताप रहे थे। उन्हें वहां बैठे कुछ ही देर हुए थे कि पुलिस पहुंच गई और सभी को वहां से जाने के लिए कहा। उसने पुलिस से कहा कि थोड़ी देर के बाद सभी लोग अपने-अपने घर चले जाएंगे। लेकिन पुलिस ने तत्काल जाने को कहा। वे लोग नहीं माने तो पुलिसवालों ने लाठियों से उन्हें पीटना शुरू कर दिया। एक की लाठी धर्मेंद्र की बाईं आंख के पास लगी। वहां से खून निकलने लगा। अन्य ग्रामाणों ने इसका विरोध किया तो पुलिस और भड़क गई।
बेवजह पिटाई से ग्रामीण उग्र हो गए और पुलिसकर्मियों पर पथराव शुरू कर दिया। देखते ही द्खते दोनों तरफ से मारपीट होने लगी जिसमें कई लोग चोटिल हो गए। इनमें महिलाएं भी शामिल हैं। लोगों ने ईंट, रोड़े-पत्थर और लकड़ी, जो भी मिला उससे पुलिसकर्मियों को पीटना शुरू कर दिया। हालांकि थानाध्यक्ष मनीष कुमार ने इस बात से इंकार किया है। उन्होंने बताया कि दो पक्षों के विवाद को सुलझाने में पुलिसकर्मियों को मामूली चोट आई है।
Input-dainik bhasker