2021/01/29

एक दिन की डीएम बनीं गुलिस्तां, भाव्या पुलिस प्रभारी निरीक्षक

शाहजहांपुर :  महिलाओं, बालिकाओं के सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन के लिए चलाए जा रहे मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत प्रदेश के अन्य जनपदों की तरह सोमवार को जनपद की मेधावी और विभिन्न क्षेत्रों में अग्रणी बालिकाओं को प्रशासकीय पदों का एक दिवसीय दायित्व सौंपा गया। कलक्ट्रेट में डीएम इंद्र विक्रम सिंह ने जनपद की चार मेधावी बालिकाओं को राष्ट्रीय बालिका सप्ताह एवं मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत एक दिन का डीएम, डीपीओ, एआरटीओ और महिला थाना प्रभारी निरीक्षक बनाया।

कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए डीएम ने कलक्ट्रेट कार्यालय कक्ष में शहर के मोहल्ला बिजलीपुरा निवासी मदरसा नूरुल हुदा की मेधावी छात्रा गुलिस्तां खान को एक दिन के लिए अपना कार्यभार सौंपा। इस दौरान गुलिस्तां ने डीएम से उनके कार्य दायित्वों की जानकारी ली और कलक्ट्रेट पहुंचे जन साधारण की समस्याएं सुनी। इस दौरान सिविल सेवा सर्विस में जाने की इच्छुक पंखुरी, अक्षरा यादव और ऐशान्या मनीषी आदि छात्राओं ने डीएम की भूमिका निभा रही गुलिस्तां के कार्यों और दायित्वों को समझा।

 इसी क्रम में प्रोबेशन (परिवीक्षा) कार्यालय में आनंदपुरम कॉलोनी निवासी तेजस्वी मिश्रा को डीपीओ वरुण सिंह ने एक दिन के लिए अपना कार्यभार सोंपा। डीपीओ के साथ तेजस्वी ने बैठकर प्रोबेशन विभाग की कार्य प्रणाली समझी। उधर, एआरटीओ आफिस में एक दिन की एआरटीओ (प्रशासन) नौरीन को बनाया गया। खास यह है कि नौरीन एक दिन के लिए डीएम बनाई गईं गुलिस्तां खान की बड़ी बहन हैं। 

एआरटीओ प्रशासन महेंद्र पाल सिंह ने नौरीन को अपने विभाग की जानकारी उपलब्ध कराई। इसी तरह इंदिरानगर कॉलोनी निवासी भाव्या सिंह को महिला एसएचओ की जिम्मेदारियां समझने का अवसर दिया गया। इससे पूर्व, डीएम ने सिविल सर्विसेज में जाने की इच्छुक छात्राओं को इसकी तैयारी के बारे में विस्तृत जानकारी दी और उन्हें उपहार देकर विदा किया। इस दौरान एडीएम राजस्व गिरिजेश कुमार चौधरी, डीएसओ पूरन सिंह चौहान, मिशन शक्ति अभियान की जिला समन्वयक अमृता दीक्षित, पूनम, कीर्ति, अवनीश आदि उपस्थित रहे।


मेधावी छात्राओं की बात
स्वच्छता अभियान लागू होने के बावजूद शहर में कई स्थानों पर काफी गंदगी दिख रही है। घनी आबादी वाले कई क्षेत्रों से रोजाना कूड़ा नहीं उठ रहा है। सफाई व्यवस्था में सुधार कराने के लिए डीएम के तौर पर जगह-जगह डस्टबिन रखवाने के निर्देश दिए हैं। जिंदगी में वाकई डीएम बनने का मौका मिला तो गरीब परिवारों के बच्चों की मुफ्त शिक्षा का इंतजाम करूंगी। -गुलिस्तां खान, बिजलीपुरा

मुझे बताया गया है कि वाहनों का नियमानुसार संचालन कराना परिवहन विभाग का काम है। एआरटीओ का दायित्व मिलने पर मैने कार्यालय के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को शहर में जाम की समस्या का स्थायी समाधान खोजने के निर्देश दिए। यह भी कहा है कि ड्राइविंग लाइसेेंस के बगैर चलाए जा रहे वाहन जब्त करें, ताकि दुर्घटनाएं रोकी जा सकें। -नौरीन खान, बिजलीपुरा

आबादी बढ़ने के साथ अपराध भी बढ़ना स्वाभाविक है। इसलिए जरूरी है कि पुलिस की कार्यप्रणाली को चुस्त-दुरुस्त बनाया जाए। महिला एसएचओ का दायित्व मिलने पर पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों से निरंतर क्षेत्र भ्रमण करने और अपराध की कोई भी सूचना मिलने पर तत्काल घटनास्थल पर पहुंचने की अपेक्षा की है। इससे अपराधी ज्यादा दूर भाग नहीं सकेंगे। -भाव्या सिंह, इंदिरानगर कॉलोनी

सभी विभागों के काम बहुत जिम्मेदारी वाले होते हैं, लेकिन प्रोबेशन विभाग का काम इतनी जिम्मेदारी का होता है कि उसमें पूरे मन से जुटने की जरूरत होती है। एक दिन के लिए प्रोबेशन अधिकारी बनने पर मैंने कार्यालय के कर्मचारियों को घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं से लगातार संपर्क बनाए रखकर उनकी काउंसिलिंग करते रहने के निर्देश दिए हैं। यह भी कहा है कि सड़कों पर बच्चे भटकते नहीं दिखें। -तेजस्वी मिश्रा, आनंदपुरम कॉलोनी