SAMASTIPUR : वारिसनगर में मुखिया राजेश सहनी की मौत से उपजे आक्रोश पर शुक्रवार की रात पांच घंटे बाद काबू पाया गया। एसडीओ, डीएसपी समेत अन्य वरीय अधिकारियों द्वारा दिये गए आश्वासन के बाद मुखिया राजेश सहनी का शव देर रात सड़क से उठाकर घर लाया गया। शनिवार की सुबह उनकी निजी जमीन में ही उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
अविलंब कार्रवाई करने पर बनी सहमति
गोही गांव पहुंचे सदर एसडीओ व डीएसपी ने वहां पहुंचकर लोगो को समझाने का प्रयास शुरू किया। फिर आक्रोशित लोगों का प्रतिनिधित्व करते हुए मनियारपुर के मुखिया रामदयाल राय, सीपीआई अंचल सचिव उपेंद्र प्रसाद तथा जदयू व्यवसायिक प्रकोष्ठ के जिला उपाध्यक्ष विनय कुमार जायसवाल ने अपने हस्ताक्षर से एक मांग पत्र भी सौंपा।
इसमें थानाध्यक्ष व दरोगा पंकज सिंह को थाना से बर्खास्त करने, मुखिया की गोली मारकर हत्या करने वाले नामजद आरोपितों की तीन दिनों के अंदर गिरफ्तारी करने, वारिसनगर पुलिस-गुंडा गठजोड़ की न्यायिक जांच कराने, मुखिया के आश्रितों को सरकारी नौकरी व 20 लाख रुपये मुआवजा देने, परिवारों को सुरक्षा की गारंटी व सरकारी हथियार का लाइसेंस देने समेत छह सूत्री मांग लिखा गया था। दोनों पदाधिकारियों के द्वारा उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिये जाने के पश्चात रात्रि 10:15 में लोगो ने शव को सड़क से उठाकर घर के अंदर रखा।