SAMASTIPUR : 12 माह के बकाया वेतन भुगतान समेत 11 सूत्री मांगों के समर्थन में स्थानीय निकाय कर्मचारियों ने कार्य का बहिष्कार करते हुए सोमवार को अनिश्चितकालीन हड़ताल किया। नगर परिषद कार्यालय का घेराव करते हुए जमकर नारेबाजी की। मुख्य द्वार पर धरना दिया। प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए स्थानीय निकाय संघ के जिला सचिव लाल बहादुर साह ने कहा कि नगर परिषद प्रशासन निकाय कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर उदासीन है।
स्थानीय निकाय कर्मचारी संघ के प्रतिनिधियों की बीच हुई वार्ता विफल नगर परिषद प्रशासनिक भवन में सोमवार शाम निकाय कर्मचारी संघ के पांच सदस्यीय प्रतिनिधि व नगर परिषद प्रशासन के बीच एक वार्ता हुई। इसमें निकाय कर्मचारियों के 11 सूत्री मांगों पर विमर्श किया गया।
पांच सदस्यीय प्रतिनिधियों ने नगर प्रशासन से स्थायी कर्मचारियों को वर्ष 1994 से वेतन मद में पीएफ की राशि भुगतान करने, सेवा पुस्तिका अद्यतन करने, दैनिक कर्मचारियों के पीएफ की राशि भुगतान व स्थाई पत्र निर्गत करने, सातवें वेतन पुनरीक्षण के अनुसार वेतन भुगतान करने, मृत कर्मचारियों के आश्रितों को बहाल करने, सेवानिवृत कर्मचारियों को सेवांत लाभ का भुगतान करने, स्थाई कर्मचारियों का बकाया वर्ष 2007 का एक माह का वेतन भुगतान करने, कर्मचारियों को वर्दी की आपूर्ति करने, कर्मचारियों के वेतन के विरुद्ध दिए गए अग्रिम का समायोजन करने की मांग की।
मांगों पर विचार करते हुए सभापति तारकेश्वर नाथ गुप्ता और कार्यपालक पदाधिकारियों संजीव कुमार ने प्रतिनिधियों को आश्वासन दिया कि जल्द ही सभी समस्याओं का समाधान कर लिया जाएगा। हालांकि, संगठन की ओर से कोई सहमति नहीं बन पाई। मौके पर संगठन के अध्यक्ष रामकुमार राम, सचिव लालबहादुर साह, नगर प्रबंधक राजेश कुमार झा, प्रधान लिपिक अशोक गुप्ता, सफाई निरीक्षक प्रेम शंकर आदि मौजूद रहे।
साफ सफाई की व्यवस्था प्रभावित, चौक चौराहों पर लगा कचरे का अंबार
नगर परिषद के दैनिक सफाई कर्मियों के हड़ताल से शहर में साफ सफाई की व्यवस्था प्रभावित हो गई है। सोमवार को शहर में कूड़े कचरे का उठाव नहीं हो सका। वार्डो में भी साफ-सफाई का काम प्रभावित रहा। इसके कारण जगह जगह गंदगी की भरमार है। बता दें कि शहर में प्रतिदिन लगभग 24 टन कचरे का उठाव किया जाता है। ऐसे में सफाई कर्मियों के हड़ताल से पूरी व्यवस्था प्रभावित हो रही है।