SAMASTIPUR : पूजा-अराधना व दान के महत्व से जुड़े मकर संक्रांति पर्व के दिन लोगों ने मंदिरों में दान कर पुण्य कमाया। इसको लेकर गुरुवार को शहर के थानेश्वर स्थान मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। श्रद्धालुओं ने दूध, दही, तिल व गुड़ से भगवान भोलेनाथ का अभिषेक किया।
हजारों लोगों ने मंदिर में पूजा-अर्चना की
भक्तों ने भगवान का जलाभिषेक कर गुड़, तिल व दही-चूड़े का भोग भी लगाया। उन्होंने बताया कि दोपहर बाद तक हजारों लोगों ने मंदिर में पूजा-अर्चना व दान किया। वहीं घर जाकर दही-चूड़ा पहुंचाया।
चूड़ा-तिल व कपड़े का भी दान किया
मंदिर परिसर व उसके बाहर रात से बैठे दरिद्र नारायण को श्रद्धालुओं ने चूड़ा-तिल व कपड़े का दान कर अपनी संक्रांति मनाई। जितने भी श्रद्धालु मंदिर आए सभी ने कुछ न कुछ दान दिया। किसी ने चूड़ा, तिल, लाई, गुड़, चावल तो किसी ने पैसा व कपड़े दान दिए। वहीं कितनों ने बच्चों के हाथों से दान दिलाया।
ठंड के माह तक खाते हैं दान का चूड़ा
वहीं थानेश्वर मंदिर में दान लेने को जुटे जरूरतमंद परिवारों ने बताया कि यहां से मिले दान को हम सभी ठंड भर खाते हैं। ननकी, सीपन व भगीरथ आदि ने बताया कि संक्रांति पर 50-70 किलोग्राम चूड़ा आदि दान मिलता है। जो ठंड में काम आता है। जब हम बाहर नहीं जा पाते तो इसी से परिवार का काम चलता है।