2021/01/25

नगर पालिका अध्यक्ष समेत 7 पार्षदों के खिलाफ FIR दर्ज...गाली गलौज करने का आरोप

DESK : छत्तीसगढ़ में बलोदाबाजार जिला मुख्यालय के नगर पालिका के मुख्य दरवाजे पर बुधवार को ताला जड़ने के मामले में पुलिस ने नपा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष समेत सात पार्षदों के खिलाफ एफआइआर दर्ज की है।

उल्लेखनीय है कि नगर पालिका बलौदाबाजार के अध्यक्ष चित्तावार जायसवाल, उपाध्यक्ष प्रकाश शर्मा सहित कई पार्षदों ने नपा सीएमओ राजेश्वरी पटेल और अभियंता नेमीचंद वर्मा पर मनमानी और पैसा लेकर काम करने का आरोप लगाया था, जिसके विरोध में जनप्रतिनिधियों ने नगर पालिका परिसर के मुख्य दरवाजे पर ताला जड़ दिया था और परिसर में ही धरने पर बैठ गए थे। 

इसी दौरान नपा सीएमओ राजेश्वरी पटेल को जानकारी मिलने के बाद नपा पहुंचने के बाद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष सहित तमाम जनप्रतिनिधियों ने नारेबाजी करते हुए मुख्यद्वार पर लगे ताले को खोलने नहीं दिया। इसके साथ ही परिषद के किसी भी कर्मचारियों को अंदर जाने नहीं दिया। इसके बाद ताला खोलने को लेकर काफी समय हंगामा होने के बाद अध्यक्ष और सीएमओ के बीच तू-तू, मैं-मैं प्रारंभ हो गया।

इसी दौरान मामला बढ़ता देख नपा सीएमओ राजेश्वरी पटेल कर्मियों के साथ कोतवाली पहुंचकर अध्यक्ष, उपाध्यक्ष सहित कई पार्षदों के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा, धमकी सहित कई आरोप लगाते हुए कोतवाली प्रभारी को लिखित शिकायत दी था। इसके बाद पुलिस ने पूरे मामले को जांच में लेकर पड़ताल प्रारंभ की। 

साथ ही सूत्रों की माने तो सीएमओ द्वारा आवेदन के साथ वाइस क्लिप सहित पैन ड्राइव भी पुलिस को सौंपा था जिस पर पुलिस ने बयानों के आधार पर रविवार को अध्यक्ष चित्तावार जायसवाल, उपाध्यक्ष प्रकाश शर्मा, पार्षद संकेत शुक्ला सहित छह अन्य पार्षद और पार्षद प्रतिनिधि के खिलाफ मामला कायम कर विवेचना में लिया है।

इन पर हुई एफआइआर--नगर पालिका अध्यक्ष चित्तावर जायसवाल, उपाध्यक्ष प्रकाश शर्मा, पार्षद संकोष शुक्ला, अमिनेश नेताम, कमल भारद्वाज (पार्षद पति), सतीश पटेल, नितिन सोनी (पार्षद पति), रोहित साहू, सलमान शेख (एल्डरमैन)।

कोतवाली के टीआइ महेश धु्रव ने कहा कि 20 जनवरी को सीएमओ राजेश्वरी पटेल ने नगर पालिका अध्यक्ष के विरुद्ध कार्रवाई के लिए आवेदन दिया था, जिसकी जांच की जा रही थी। शनिवार को सीएमओ द्वारा पैन ड्राइव में घटना के दिन की वीडियो रिकार्डिंग भी दी गई, जिससे घटना की पुष्टि भी होती है। अत: आवेदन की जांच करने के बाद शासकीय कार्य में बाधा, गाली-गलौज, आने-जाने से रोकने की धाराओं में अपराध पंजीबद्ध किया गया है।