PATNA : बिहार में शराबबंदी फेल है, यह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की सरकार में शामिल भारतीय जनता पार्टी ओर से उठी है। बिहार के औरंगाबाद के बीजेपी सांसद सुशील कुमार सिंह के अनुसार बिहार में शराबबंदी के बावजूद पुलिस सरंक्षण में खुलेआम शराब की बिक्री की जा रही है। हालांकि, बीजेपी सांसद के आरोपों पर बीजेपी नेता और पूर्व मंत्री रामाधार सिंह ने सरकार का बचाव भी किया है।
सांसद के नेतृत्व में थाना पर बीजेपी का धरना
पुलिस पर शराबबंदी कानून के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए बीजेपी सांसद सुशील कुमार सिंह के नेतृत्व में बीजेपी ने थाना पर धरना दिया। बीजेपी ने पुलिस पर सरकार को बदनाम करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि थाने दलालों के अड्डे बन गए हैं और पुलिस खुलेआम शराब बिक्री को संरक्षण दे रही है। दिखावे के लिए कानून का डंडा केवल कमजोरों पर चलाया जाता है।
बीजेपी कार्यकर्ता की गिरफ्तारी पर भड़के एमपी
दरअसल, मामला औरंगाबाद के रफीगंज के बीजेपी कार्यकर्ता शिवनारायण साव की पुलिस पिटाई का है। पुलिस ने सड़क जाम करने तथा शराब पीने के आरोप में बीजेपी कार्यकर्ता शिवनारायण साव, गुडडू चौधरी तथा देवनन्दन राम को गिरफ्तार किया। उन्हें देर रात थाने से जमानत पर छोड़ दिया गया। सांसद इसी घटना के विरोध में धरना पर बैठे थे। धरना के दौरान शिवनारायण साव ने अपने बदन पर पुलिस पिटाई से लगे जख्मों के निशान भी दिखाए।
नीतीश की पुलिस नकारा, बिकवाती है शराब
धरना के दौरान सांसद ने कहा कि जिसे गिरफ्तार किया गया, उसने कभी शराब नहीं पी, लेकिन आश्चर्यजनक रूप से डॉक्टर ने भी बगैर ब्रेथ एनेलाइजर के शराब पीने की पुष्टि कर दी। सांसद ने नीतीश सरकार की पुलिस को नकारा और घूसखोर करार दिया तथा कहा कि थाना प्रभारी क्षेत्र में शराब बेचवाते हैं।
आरोपों की हो रही जांच, करेंगे कार्रवाई: एसपी
इस मामले में औरंंगाबाद के पुलिस अधीक्षक सुधीर कुमार पोरिका ने कहा कि सांसद ने जो मेमोरेंडम दिया है, उसके आाधार पर जांच एसडीपीओ कर रहे हैं। उनकी जांच रिपोर्ट आने के बाद कानून-सम्मत कार्रवाई की जाएगी।
अपने ही सांसद के खिलाफ उतरे बीजेपी नेता
खास बात यह है कि इस मामले में बीजेपी सांसद के खिलाफ बीजेपी के दूसरे नेता व पूर्व मंत्री खड़े दिखे। बिहार सरकार में पूर्व मंत्री और बीजेपी नेता रामाधार सिंह ने सत्ताधारी दल के नेता को क्या करना चाहिए यह सीख सांसद को दी। साथ ही उनपर गत विधानसभा चुनाव में पैसा बांटने का आरोप लगाया। मामले में पुलिस का पक्ष लेते हुए कहा कि किसी ईमानदार छवि के पुलिस अधिकारी का सत्ताधारी ने तो तबादला करा सकते हैं और न ही निलंबित।
Input-dainik jagran