NAWADA : वारिसलीगंज थाना क्षेत्र की वार्ड संख्या- 06 समीचक के पावर हाउस मुहल्ला निवासी शिवशंकर सिंह की हत्या और उसकी बेटी का अपहरण मामले का एक माह बीत चुका है, बाबजुद पुलिस इस जघन्य घटना की गुत्थी नही सुलझा पाई है। डॉग स्क्वाड से लेकर वैज्ञानिक अनुसंधान भी पुलिस को घटना का सुराग दिलाने में अभी तक सफलता नहीं मिल सकी है।
डीआईयू मामले का अनुसंधान में कर रही सहयोग
शिवशंकर हत्याकांड और उसकी लाडली बेटी के अपहरण की गुत्थी सुलझाने में डीआईयू भी वारिसलीगंज पुलिस को सहयोग कर रही है । लेकिन अबतक कोई सफलता हाथ नही लगी है। परिजनो का कहना है कि शालिनी कभी मोबाइल नही रखती थी और वह कम पढ़ी लिखी एक नेक दिल इंसान लड़की थी। जरूरत पड़ने पर ही वह घर से बाहर निकलती थी। लोगों का मानना है अपराधी शालिनी का ही अपहरण करने के लिए ही आया होगा और बेटी को जबरन उठाकर ले जाने के दौरान पास सोये पिता की नींद खुल गई होंगी फलतः विरोध करने के क्रम में शिवशंकर की हत्या कर बेटी को लेकर फरार हो गया ।
हत्या के कारणों का नही हो सका खुलासा
शिवशंकर सिंह की हत्या और उसके पास के बेड पर सो रही नाबालिग बेटी शालिनी का अपहरण मामले का अब तक खुलासा नही होना कई सवाल को जन्म दे रही है। अपराधी शिवशंकर की हत्या करने की नीयत से आया था या फिर उसकी बेटी का अपहरण करने के उद्देश्य से इस प्रश्न तक भी पुलिस के अनुसंधान की सुई नही पंहुच सकी है। पड़ोसियों के अनुसार मृतक पहले वाहन चालक का काम करता था।
जब आंख से कम दिखने लगा तब बाद में बिजली ऑफिस के पास गुमटीनुमा दुकान खोलकर अपने परिवार का भरण पोषण कर रहा था। मृतक एक सरल स्वभाव और मिलनसार व्यक्ति था। वह तीन भाइयों में सबसे छोटा भाई था। एक भाई उसके पास ही मकान बनाकर रह रहे है जबकि दूसरे सबसे बड़े भाई नवादा में शिफ्ट कर गये है।। मृतक की पत्नी अर्धविक्षिप्त है। जबकि दो अविवाहित पुत्रो में से एक नवादा के किसी दुकान में नौकरी करता है। और दूसरा स्थानीय बाजार में वाहन चालक है।
Input-dainik jagran