SAMASTIPUR : जिला में तेजी से बढ़ रहे औद्योगिक क्षेत्र व उसके आधार पर हो रही आर्थिक समृद्धि ने लोगों को गैर कृषि कार्य की ओर आकर्षित किया है। इसका नतीजा है कि लोगों का व्यावसायिक स्वरूप व रहने की शैली भी बदल रही है। बताया जाता है कि यह माहौल शहरीकरण की ओर ले जाता है।
जिसका परिणाम है कि जिला में दलसिंहसराय, रोसड़ा, पटोरी व ताजपुर नए नगर परिषद क्षेत्र बनाए जाएंगे। वहीं सरायरंजन व मुसरीघरारी को नगर पंचायत का दर्जा दिया जाएगा। जबकि समस्तीपुर को नगर निगम बनाया जाना है।
नगर परिषद के लिए प्रस्तावित चार क्षेत्र
ताजपुर: पांच पंचायतों ताजपुर (पूर्ण), कस्बेआहर, भेरोखड़ा, रहीमाबाद व हरिशंकरपुर बघौनी के आंशिक क्षेत्र को शामिल कर नप क्षेत्र बनेगा। प्रस्तावित जनसंख्या 49130 होगी। इसमें पंचायतों के 33 वार्ड शामिल होंगे। इसका क्षेत्रफल 1542 एकड़ होगा।
पटोरी: छह पंचायतों बहादुरपुर पटोरी, चकसलेम, शाहपुर उंडी, शेरदिलपुर, हसनपुर सूरत व इमनसराय के आंशिक क्षेत्र शामिल होंगे। इन पंचायतों के 9 राजस्व ग्राम को मिलाकर नप क्षेत्र बनेगा। इसकी जनसंख्या 43991 व क्षेत्रफल 16 वर्ग किलोमीटर होगा।
रोसड़ा: वर्तमान में नपं क्षेत्र है। छह नए पंचायतों जहांगीरपुर, सोनूपुर, चकथात, मोहिउद्दीननगर, रहुआ व हिरमिया के आंशिक क्षेत्र को मिलाकर नप बनेगा। यहां की जनसंख्या 46 हजार के करीब होगी। वर्तमान में मौजूद नगर क्षेत्र में 18 वार्ड शामिल हैं।
दलसिंहसराय: वर्तमान में नगर पंचायत क्षेत्र है। इसमें 14 वार्ड हैं। इसे नगर परिषद बनाने का प्रस्ताव दिया गया है। जिसकी प्रस्तावित जनसंख्या 2011 के अनुसार 55538 होगी। क्षेत्रफल 17.85 वर्ग किलोमीटर होगा। 5-6 पंचायत क्षेत्र शामिल होेंगे।
नपं के लिए प्रस्तावित दो क्षेत्र
सरायरंजन: सरायरंजन प्रखंड के चार पंचायतों सरायरंजन पूर्वी, सरायरंजन पश्चिमी, झखड़ा व नरघोघी को मिलाकर नपं क्षेत्र बनाया जाएगा। इसमें नरघोघी का आंशिक व अन्य के पूर्ण क्षेत्र शामिल हैं। प्रस्तावित नपं क्षेत्र की जनसंख्या 37078 होगी।
मुसरीघरारी: सरायरंजन प्रखंड के तीन पंचायतों बी एलौथ, बखरी व बथुआ को मिलाकर नपं क्षेत्र बनाया जाएगा।
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