SAMASTIPUR : समस्तीपुर-दरभंगा रेलखंड पर बाढ़ के कारण गत पांच महीने से बंद दोहरीकरण कार्य फिर से शुरू हो गया है। दोहरीकरण के तीसरे चरण में थलवारा- किशनपुर 18 किलोमीटर में कार्य होना है। सोमवार को रेलवे के निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता अखिलेश कुमार ने शुरू हो रहे निर्माण कार्य का जायजा लिया।
उन्होंने कार्य एजेंसी को समय सीमा के अंदर कार्य पूरा करने का आदेश दिया। यहां बता दें कि समस्तीपुर से दरभंगा तक दोहरीकरण कार्य इस वर्ष के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य था लेकिन अब यह संभव नहीं लग रहा। अभी कार्य पूरा होने में कम से कम एक वर्ष का और समय लग सकता है। चुकी इस खंड पर छोटे बड़े 12 पुलों का निर्माण होना है।
जिस पर अभी कार्य होना शेष है। समस्तीपुर-दरभंगा 40 किलोमीटर रेलवे लाइन के दोहरीकरण का कार्य तीन चरणों में बांट कर किया जा रहा है। प्रथम चरण में समस्तीपुर-किशनपुर 11 किलोमीटर व थलवारा-दरभंगा के 9 किलोमीटर दोहरीकरण का कार्य गत वर्ष पूरा हो चुका है। तीसरे चरण में किशनपुर- थलवारा के बीच दोहरीकरण का कार्य होना है। कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य मार्च 2021 रखा गया है।
40 किमी की दूरी तय करने में एक्सप्रेस ट्रेनों को एक से डेढ़ घंटे का समय लगता है
समस्तीपुर-दरभंगा रेलखंड पर अभी सिंगल लाइन है। इस खंड से रोजाना 30 जोड़ी से अधिक ट्रेनों का परिचालन कोरोना से पूर्व हो रहा था। अभी 14 जोड़ी ट्रेनें चला करती हैं। इस कारण ट्रेनें अक्सर क्रॉसिंग में फंसती है। फलस्वरूप 40 किमी की दूरी तय करने में एक्सप्रेस ट्रेनों को एक से डेढ़ घंटे का समय लग जाता है।
वहीं पैसेंजर ट्रेनों को ढाई से तीन घंटे का समय लगता है। इससे यात्रियों की परेशानी बढ़ी हुई है। ट्रेनें लेट होती है। इस खंड से स्वतंत्रता सेनानी, बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस, जननायक एक्सप्रेस, गरीब रथ, दरभंगा पुणे एक्सप्रेस, जानकी एक्सप्रेस, पवन एक्सप्रेस आदि महत्वपूर्ण ट्रेनें चला करती हैं।
बारिश के कारण ठप हो गया था कार्य
रेलवे सूत्रों ने बताया कि थलवारा-दरभंगा दोहरीकरण के बाद तीसरे चरण में थलवारा-किसनपुर स्टेशन के बीच 2020 के अंततक दोहरीकरण कार्य पूरा करने का लक्ष्य था। लेकिन इस वर्ष आयी बाढ़ के कारण मई महीने में ही कार्य को रोकना पड़ा। अब जब बाढ़ का पानी उतर चुका है तो इस खंड पर जहां-जहां रेलवे ट्रैक बिछाया जाना है वहां पर मिट्टी भड़ाई का कार्य शुरू किया गया है। उक्त दोनों स्टेशनों के बीच करेह नदी के अलावा सात बड़े-बड़े पुलों का निर्माण किया जाना है। जिसमें समय लग सकता है। चुकी बरसात के दिनांे में नदी में पानी भरा रहता है। जिससे कार्य प्रभावित होता है।
मिथिलांचल से मखाना का होता है बड़ा कारोबार
मंडल के दरभंगा स्टेशन से मखाना का बड़ा कारोबार होता है। यहां से मखाना उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, मद्रास, बंगाल, ओडिशा आदि शहरों के लिए बुक कर भेजा जाता है। लेकिन सिंगल लाइन के कारण माल सही समय पर बुक स्थानों पर नहीं पहुंच पाता है। दोहरीलाइन होने से मखाना बुक स्थान पर सही समय पर पहुंच पाएगी। इससे कारोबार विकसित होगा।
बरसात के कारण बंद कार्य पुन: शुरू हो रहा है। दोहरीकरण का कार्य समय सीमा के अंदर पूरा हो इसके लिए कार्य एजेंसी को युद्ध स्तर पर कार्य शुरू करने का निर्देश जारी किया गया है। रेलवे पुलों का भी निर्माण तेज करने को कहा गया है। -अखिलेश कुमार, चीफ इंजीनियर, रेल निर्माण विभाग।