एसपी ने बताया कि 3 दिसम्बर को 8-9 बदमाशों ने बैंक में घुस कर हथियार के दम पर 4 लाख 41 हजार रूपए और मोबाइल , बैंक के स्टाफ का सोने का चेन लुट का चंपत हो गए थे। भागने के दौरान बदमाशों ने बैंक में लगे सीसीटीवी फुटेज का डीवीआर मशीन अपने साथ लेते चले गए थे। पुलिस ने इस डीवीआर को बरामद कर लिया है। हालांकि लूट की पुरी वारदात बैंक के मकान मालिक के मकान में लगे सीसीटीवी में कैद हो गई थी।
बैंक डाकाकांड के चंद घंटे के अंदर ही पुलिस को मिला था अहम सुराग
बैंक डाका कांड के 5 से 6 घंटे के अंदर पुलिस को अहम सुराग हाथ लग गया था। पुलिस बदमाशों का पीछा करते हुए डाका कांड के मास्टरमाइंड के गांव जगदर पहुंच गई और उसके घर से बैंक से लूटे गए बैग और चंद हजार रूपए मिला। तब गृहस्वामी समेत अन्य सदस्यों से पुछताछ में पुलिस को डाका कांड में शामिल बदमाशों का सुराग मिल गया। लूटी गई बैग और रकम मिलने के आरोप में ओमप्रकाश के परिजनों को पुलिस ने अलग से एफआईआर कर जेल भेज दिया था।