2020/12/04

RJD विधायक के बिगड़े बोल, डॉक्टरों से गाली-गलौज कर बोले... जानते नहीं कौन हूं, बर्बाद कर दूंगा

गोपालगंज जिले के बैकुंठपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में गुरुवार की रात खूब बवाल हुआ। एक मरीज को रेफर किए जाने पर राष्‍ट्रीय जनता दल के विधायक प्रेमशंकर प्रसाद यादव ने अस्‍पताल आकर डॉक्‍टरों को धमका दिया। अस्‍पताल  में तैनात कर्मचारियों और डॉक्‍टरों का कहना है कि विधायक ने उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की।

 आते ही उनका मोबाइल छीन लिया। पूरे घटनाक्रम से नाराज डॉक्‍टरों ने मरीजों का इलाज बंद  कर दिया है। हालांकि इमरजेंसी सेवा  को बहाल रखा गया है। पूरा मामला प्रसव के लिए आई एक महिला को रेफर  किये जाने से जुड़ा है।

बैकुंठपुर सीएचसी पर आई थी प्‍यारेपुर गांव की महिला

बताया जाता है कि प्यारेपुर  गांव की एक महिला को प्रसव पीड़ा  होने पर स्वजन उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, बैकुंठपुर  ले गए। जहां ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक ने महिला की हालत गंभीर देख सदर अस्पताल रेफर कर दिया। सदर अस्पताल रेफर करने पर स्वजनों ने राजद के विधायक प्रेमशंकर प्रसाद यादव को फोन कर महिला को भर्ती नहीं करने की शिकायत की।

महिला के स्वजनों के फोन करने पर विधायक तुरंत अस्पताल पहुंच गए। इस वक्‍त ड्यूटी पर तैनात रहे चिकित्सक डाॅ. आफताब आलम तथा डाॅ. सरताज आलम का आरोप है कि अस्पताल पहुंचते ही विधायक उनके साथ गाली-गलौज करने लगे तथा उनपर हाथ चलाकर उनका मोबाइल फोन छीन लिया।

जानते नहीं मैं कौन हूं, बर्बाद कर दूंगा

डॉक्‍टरों के मुताबिक इस दौरान विधायक यह कहते हुए धमकाते रहे कि जानते नहीं हो मैं कौन हूं, बर्बाद कर दूंगा। विधायक पर शराब के नशे में होने का भी आरोप है। इस घटना के बाद आक्रोशित चिकित्सक कामकाज को ठप कर हड़ताल पर चले गए हैं। डाॅ. आफताब आलम ने बताया कि महिला की बच्चेदानी फटने की आशंका के कारण उन्हें रेफर किया गया था। विधायक ने ड्यूटी पर तैनात उनके तथा डाॅ. सरताज आलम के साथ गाली-गलौज और मारपीट की। इस घटना की जानकारी सिविल सर्जन डाॅ. टीएन सिंह  को दे दी गई है। इमरजेंसी सेवा काे जारी रखा जाएगा।

वहीं इस घटना के संबंध में पूछे जाने विधायक प्रेमशंकर प्रसाद यादव ने कहा कि महिला के स्वजन ने फोन कर उन्हें बताया कि महिला को भर्ती नहीं किया जा रहा है। अस्पताल पहुंचने पर उन्‍होंने देखा कि एक डाॅक्टर सो रहे हैं  तथा दूसरे डाॅक्टर कुर्सी पर बैठे हुए हैं। उन्हें देखकर भी डाॅक्टर ने कोई रिस्पांस नहीं दिया। वे कुर्सी पर बैठे रहे। गाली-गलौज तथा हाथ चलाने का आरोप पूरी तरह बेबुनियाद है।