PATNA : बिहार में लड़कियों के साथ यौन हिंसा के मामलों में पिछले पांच साल में कुछ कमी आई है। बावजूद ऐसे मामले पूरी तरह से थमे नहीं हैं। पांच साल पहले तक 18 वर्ष की आयु की 14.2 फीसद लड़कियां यौन हिंसा का शिकार होती थीं, अब ऐसे मामले घटकर 8.3 फीसद पर पहुंच गए हैं। इसमें भी शहरों से ज्यादा यौन हिंसा के मामले ग्रामीण क्षेत्रों में दर्ज हुए हे। ये आंकड़े राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षर्ण-5 की रिपोर्ट में दर्ज हैं। रिपोर्ट के अनुसार बिहार के ग्रामीण इलाकों में महिलाओं के खिलाफ हिंसा और प्रताड़ना के ज्यादा मामले दर्ज किए गए हैं।
गर्भवती भी हुईं शारीरिक हिंसा का शिकार
18-29 वर्ष की महिलाओं के बीच किए गए सर्वे में यह बात सामने आई कि ग्रामीण क्षेत्रों में 8.5 फीसद तो शहरी क्षेत्रों में 7.1 फीसद महिलाएं यौन हिंसा का शिकार हुईं। इतना ही नहीं, 18-49 आयु वर्ग की 2.8 फीसद महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान शारीरिक हिंसा का सामना करना पड़ा। ऐसे मामले ग्रामीण क्षेत्रों में 3.0 फीसद तो शहरी क्षेत्रों में 1.9 फीसद तक हैं।
शहरों के पति ज्यादा प्रताडि़त करते हैं
रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश मे पतियों द्वारा प्रताडि़त किए जाने के मामले भी काफी होते हैं। हालांकि पांच वर्ष में इसमें भी कमी आई है। 2015-16 में आश्चर्यजनक रूप से 43.7 फीसद महिलाएं पति की प्रताडऩा का शिकार होती थीं । 2019-20 आते-आते ऐसे मामलों में भी मामूली कमी आई है। अभी भी 40 फीसद महिलाएं पतियों के द्वारा प्रताडि़त होती हैं। महत्वपूर्ण यह है कि पतियों द्वारा प्रताड़ना के मामले ग्रामीण क्षेत्रों से ज्यादा शहरों में हैं। शहरों में 40.6 फीसद तो ग्रामीण क्षेत्रों में 39.9 फीसद महिलाओं ने ऐसे मामले सहे हैं।