SAMASTIPUR - स्वास्थ्य केंद्रों में गर्भवती महिलाओं के प्रसव के दौरान होने वाली परेशानियों को जड़ से समाप्त करने तथा प्रसव कक्ष की गुणवत्ता में सुधार लाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा लक्ष्य कार्यक्रम की शुरुआत की गई है। इस कार्यक्रम के तहत मातृ एवं नवजात शिशुओं में मृत्यु दर में कमी लाने, प्रसव के दौरान एवं उसके गुणवत्ता में सुधार लाने और सार्वजनिक स्वास्थ्य केंद्रों में सभी गर्भवति माताओं को सम्मानपूर्वक मातृत्व देखभाल की सुविधाएं उपलब्ध कराना इसका मुख्य लक्ष्य है।
मानक इंडिकेटर की जांच
जिला स्वास्थ्य समिति के डीपीसी आदित्य नाथ झा ने बताया कि संस्थागत प्रसव की दर में पहले की अपेक्षा काफी बढ़ोत्तरी हुई है क्योंकि लक्ष्य कार्यक्रम को पूरी तरह से धरातल पर उतारा गया है। लक्ष्य योजना के तहत प्रामाणिकरण के लिए 362 मानक इंडिकेटर की जांच की जाती है। जिसमें मुख्य रूप से सर्विस प्रोविजन, रोगी का अधिकार, इनयूट्रस, सपोर्ट सर्विसेज, क्लिनिकल सर्विसेज, इंफेक्शन कंट्रोल, क्वालिटी मैनेजमेंट, आउटकम शामिल है। इन सभी आठों इंडिकेटर्स का कुल 362 उपमानकों पर अस्पताल के प्रसव कक्ष एवं शल्य कक्ष का लगभग छह से नौ महीनों तक लगातार क्वालिटी सर्किल संस्थान स्तर पर, जिला स्तर पर जिला कोचिंग दल के अलावा क्षेत्रीय कोचिंग दल द्वारा लगातार पर्यवेक्षण एवं निरीक्षण कर आवश्यकता अनुसार सभी स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षित किया जाता है। प्रशिक्षण के बाद अस्पताल का भौतिक निरीक्षण किया जाता है और यह देखा जाता है कि प्रशिक्षण लेने के बाद स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा कार्य किया जा रहा है या नहीं।
सुविधाओं की ब्रांडिंग के लिए मूल्यांकन
प्रसूति कक्ष और मैटरनिटी ऑपरेशन थियेटर में गुणवत्ता सुधार का मूल्यांकन राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक के माध्यम से किया जाना है। उसके बाद मानक पर 70 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाली प्रत्येक सुविधाओं की ब्रांडिंग की जाएगी। 70 से 80 तक स्कोर पाने वाले अस्पताल को सिल्वर की श्रेणी में रखा जाता है जबकि 81 से 90 तक स्कोर पाने वाले अस्पताल को गोल्ड की श्रेणी में रखा जाता हैं तो वहीं 91 से 100 तक स्कोर पाने वाले अस्पताल को प्लेटिनम की श्रेणी में रखा जाता है। इन सभी की श्रेणियों को प्रशस्ति पत्र व प्रोत्साहन के रुप में नगद राशि दिया जाता है।
लक्ष्य योजना के पहले किया ग्रेडिंग
सदर अस्पताल के लेबर रुम को लक्ष्य योजना के तहत वर्ष 2018 में ही प्रमाणीकरण किया जा चुका है। जिसके राशि का भुगतान जल्द होने वाला है। राशि मिलते ही सदर अस्पताल स्थित लेबर रूम के प्रसव कक्ष को नई तकनीक से सुसज्जित किया जाएगा ताकि स्थानीय मरीजों को किसी तरह की कोई परेशानी नहीं हो।
तय किया गया मानक
- आधारभूत संरचना
- साफ-सफाई एवं स्वच्छता
- जैविक कचरा निस्तारण
- संक्रमण की रोकथाम
- अन्य सहायक प्रणाली
- अस्पताल चकाचक रहे
- स्वच्छता को बढ़ावा देना
- अस्पताल की सुरक्षा