SAMASTIPUR : अगर आपके आस-पड़ोस में किसी महिला की प्रसव के दौरान या गर्भवती की मृत्यु हो जाती है तो आप अपने जागरूक नागरिक होने का फर्ज निभाते हुए टाल-फ्री नंबर पर इसकी सूचना दर्ज करा सकते हैं। इस सूचना के लिए स्वास्थ्य महकमा प्रोत्साहन राशि के रूप में एक हजार रुपये देगा। प्रशासन का लक्ष्य है कि मातृ मृत्यु के अधिक से अधिक मामले को दर्ज किया जा सके, ताकि स्वास्थ्य महकमा उस मृत्यु के कारणों का पता लगाकर उसे समाप्त कर सके।
गर्भवती महिलाओं का समुचित इलाज कर मातृ-शिशु मृत्यु दर पर अंकुश लगाने को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने सुरक्षित मातृत्व आश्वासन (सुमन) कार्यक्रम की शुरुआत की है। उक्त कार्यक्रम के तहत गर्भवती महिलाओं एवं प्रसव के बाद छह माह तक महिलाओं एवं बीमार नवजात का निशुल्क इलाज किया जाएगा।
मातृ मृत्यु की सूचना देने वाले को मिलेगा एक हजार रुपये
सुरक्षित मातृत्व आश्वासन (सुमन) कार्यक्रम के तहत शत-प्रतिशत मातृ मृत्यु की जानकारी रखने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसको लेकर मातृ मृत्यु की विभाग को सूचना देने वाले व्यक्ति को सुरक्षित मातृत्व आश्वासन (सुमन) कार्यक्रम के तहत एक हजार रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
स्वास्थ्य सेवा में लापरवाही को टॉल-फ्री नंबर पर करें शिकायत
सुरक्षित मातृत्व आश्वासन (सुमन) कार्यक्रम के तहत किसी भी स्वास्थ्य सेवा में लापरवाही जीरो टॉलरेंस रखने का प्रावधान है। उक्त कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य सुविधा में किसी प्रकार की लापरवाही बरतने की शिकायत 104 टॉल फ्री नंबर पर दर्ज कर सकते हैं।
- किसी भी लापरवाही के लिए जीरो टॉलरेंस।
- मौजूदा स्वास्थ्य कार्यक्रम जेएसएसके, प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व योजना एवं लक्ष्य कार्यक्रमों की व्यवस्था।
- महिलाओं की स्वायत्तता, सम्मान, भावनाओं और विकल्पों का सम्मान।
- शत-प्रतिशत मातृ मृत्यु रिपोर्टिंग और समीक्षा।
- शिकायत निवारण तंत्र।
- सामुदायिक स्तर की मातृ मृत्यु रिपोर्टिंग।
सुमन कार्यक्रम के तहत मिलने वाली सेवाएं
- प्रसव पूर्व चार जांच एवं छह माह तक प्रतिमाह गृह आधारित नवजात की देखभाल।
- सुरक्षित मातृत्व पुस्तिका और मातृ एवं शिशु सुरक्षा कार्ड।
- निशुल्क मातृ जटिलताओं की पहचान एवं समाधान।
- जन्म के एक घंटा के भीतर स्तनपान कराने में सहयोग।
- गोपनीयता एवं सम्मान के साथ सम्मानजनक देखभाल।
- प्रसव के एक सप्ताह के भीतर परिवार नियोजन का परामर्श।
इस बारे में समस्तीपुर के सिविल सर्जन डॉ. एसके गुप्ता ने कहा कि मातृ-शिशु मृत्यु दर पर अंकुश लगाने को लेकर विभाग द्वारा कई कार्यक्रम चलाया जा रहा है। सुरक्षित मातृत्व आश्वासन (सुमन) कार्यक्रम शुरू होने से पूर्व से चलने वाले अन्य कार्यक्रम को गति मिलेगी। उक्त कार्यक्रम के तहत गर्भवती महिलाओं एवं प्रसव के छह माह तक प्रसूता एवं शिशु का नियमित रूप से जांच एवं समुचित इलाज होगा। जिससे मातृ-शिशु मृत्यु दर पर अंकुश लगेगा।