SAHARSA : पुलिसीया दबिश के कारण तेलियाहाट बाजार से भगाई गई किशोरी ने अपने प्रेमी के साथ महज एक सप्ताह बाद खुद थाने में आकर सरेंडर कर दिया है। तीन दिन पहले किशोरी की मां ने ओपी में लिखित आवेदन दिया था, लेकिन प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई। मालूम हो कि क्षेत्र के तेलियाहाट बाजार से 17 वर्षीय किशोरी को बहला-फुसलाकर भगाने का मामला उस वक्त आया था जब जब किशोरी की मां रीता देवी ने 3 दिसंबर को ओपी में लिखित आवेदन देकर पड़ोस के चार लोगों पर साजिश रचकर किशोरी को भगाने का आरोप लगाया था।
आरोपित युवकों पर पुलिसिया दबाव दिया गया। जिसके भय से किशोरी व उक्त युवक ने बनमा ईटहरी ओपी में समर्पण कर दिया। किशोरी वापस तो लौटी लेकिन उसने शादी रचा ली।ओपी अध्यक्ष कमलेश कुमार सिंह के नेतृत्व में टीम गठित कर नामजद चार आरोपी में से दो को थाने में लाकर पूछताछ की गई। पुलिस के दबाव के कारण नामजद आरोपियों ने लड़के को फोन कर उन्हें सरेंडर करने को कहा।
जिसके बाद लड़का-लड़की दोनों दिल्ली से ट्रेन से सिमरी बख्तियारपुर आए फिर थाना पहुंच कर अपने आप को पुलिस के हवाले कर दिया। इसके बाद थाने में दोनों परिवार को बुलाकर समझौता कर लड़की लड़का को उनके परिवार को सौंप दिया। आश्चर्य की बात तो यह है कि जब तक किशोरी बरामद नहीं हुई थी तब तक वह शादी योग्य नहीं थी। लेकिन जब वापस आ गई है तो वह शादी योग्य हो गई और पीड़ित के आवेदन को समझौते में तब्दील कर दिया गया।