2020/12/05

निर्दोष युवक को थानेदार ने पीट-पीटकर मार डाला,पत्नी और दो वर्ष की बेटी के साथ मंदिर में पूजा कर बाइक से लौट रहे थे, सात लाख रुपये मुआवजा का आदेश

PATNA : राज्य मानवाधिकार आयोग ने पुलिस अभिरक्षा में मौत के मामले पर सुनवाई करते हुए आश्रित को सात लाख रुपये के मुआवजा का आदेश दिया है। मामला नवगछिया जिले के बिहपुर थाने का है, जहां इसी साल 24 नवंबर को आशुतोष कुमार पाठक को पुलिस ने पीट-पीटकर मार डाला था।

 33 वर्षीय आशुतोष झंडापुर ओपी के मंडवा ग्राम के रहने वाले थे। पत्नी और दो वर्ष की बेटी के साथ वह पास के मंदिर में पूजा कर मोटरसाइकिल से लौट रहे थे। रास्ते में झंडापुर ओपी के थानेदार रंजीत कुमार मंडल ने उन्हें अकारण रोक लिया और पिटाई शुरू कर दी।

 बाद में थाने में ले जाकर भी पिटाई की, जिससे आशुतोष की मौत हो गई। सुनवाई में आयोग के सदस्य उज्ज्वल कुमार दुबे ने मामले को सही पाया और मृतक की आश्रित को भरण-पोषण के लिए सात लाख रुपये देने का निर्देश दिया। उन्होंने सरकार को सलाह भी दी है कि वह चाहे तो मुआवजे की राशि की भरपाई दोषी से कर सकती है। आयोग ने सरकार को ऐसे पुलिस अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया है, ताकि कोई कानून से मिले अधिकार का गलत इस्तेमाल न कर सके.