SAMASTIPUR :धान अधिप्राप्ति को लेकर जिले 381 पंचायतों में से 234 पंचायतों में पैक्स को क्रय केंद्र खोलने की अनुमति प्रदान की गई है। वहीं चार व्यापार मंडल को भी क्रय खोलने का निर्देश दिया गया है। लेकिन धरातल पर अभी तक कोई क्रय केंद्र नहीं खुल पाया है। इसकी बड़ी वजह है कि पैक्सों को सहकारी बैंक बिहट से कम कैश क्रेडिट उपलब्ध कराया गया। पैक्स अध्यक्षों का कहना है कि धान क्रय के 48 घंटे के अंदर किसानों का भुगतान करना होता है। ऐसे में कम कैश क्रेडिट उपलब्ध होने की वजह से धान क्रय में परेशानी होती है। किसानों का धान लेने के बाद समय पर भुगतान नहीं हो पाता है। इस वजह से पैक्स अध्यक्ष धान क्रय करने से पीछे हट रहें हैं। वहीं सहकारिता विभाग के अधिकारियों का कहना है कि धान क्रय को लेकर पैक्स अध्यक्षों को दिशा निर्देश जारी कर दिया गया है। सहकारिता विभाग से पंजीकृत सभी किसानों का क्रय केंद्र पर धान लिया जाना है। खासकर छोटे किसानों का प्राथमिकता के आधार पर धान लेना है। धान क्रय करने से पीछे हटने वाले पैक्सों पर विभागीय कार्रवाई की बात कही जा रही है।
11 दिन बाद भी नहीं शुरू हो सकी खरीद
किसानों से धान क्रय को लेकर राज्य मुख्यालय से 23 नवंबर से 31 मार्च तक की समय सीमा निर्धारित की गई है। लेकिन सरकार के द्वारा जारी किए गए समय सीमा के 11 दिन बाद भी जिले के किसी पंचायत में किसानों से धान का क्रय प्रारंभ नहीं हो पाया है। धान का क्रय प्रारंभ नहीं हो पाने के कारण किसान मजबूरी में बिचौलिये के हाथों अपना धान कम कीमत पर बेच रहें हैं। किसानों का कहना है कि क्रय केंद्र खुलने के इंतजार में उनकी गेहूं की खेती प्रभावित हो जाएगी। ऐसे में बिचौलिये के हाथों कम कीमत पर धान बेचना उनकी मजबूरी बनी हुई है।
पैक्स अध्यक्ष नहीं हो रहे तैयार
धान क्रय को लेकर पैक्स अध्यक्ष अभी तैयार नहीं हो रहें हैं। पैक्स अध्यक्षों का कहना है कि अभी धान में काफी अधिक नमी है। विभागीय स्तर पर 17 प्रतिशत से कम नमी वाला धान लेना है। अभी धान में 22 से 23 प्रतिशत तक नमी है। ऐसे में धान क्रय करने पर काफी अधिक नुकसान पैक्सों को होगा। वहीं पैक्स अध्यक्षों का कहना है कि वित्तीय वर्ष 2019-20 का परिवहन शुल्क नहीं दिया गया है। इसके अलावे कैश क्रेडिट भी कम है। इस वजह से धान क्रय करने में काफी परेशानी है। यही वजह है कि पैक्स अध्यक्ष धान क्रय करने से पीछे हट रहे हैं।
समस्तीपुर के कॉपरेटिव बैंक के चेयरमैंन विनोद राय का कहना है कि धान क्रय को लेकर पैक्सों को कैश क्रेडिट उपलब्ध करा दिया गया है। किसानों के पंजीकरण को लेकर गांव-गांव में सहकारिता विभाग की ओर से अभियान चलाया जा रहा है। छोटे-छोटे किसानों का प्राथमिकता के आधार पर धान लेना है। पैक्स अध्यक्षों की समस्या को दूर करने की पहल की जा रही है।