BIHAR-शिक्षा मंत्री डॉ. अशोक चौधरी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि 2021 में वार्षिक माध्यमिक परीक्षा (मैट्रिक) में शामिल होने वाले विद्यार्थियों के लिए क्रैश कोर्स संचालित कराएं, ताकि इन्हें तैयारी में मदद मिले। माध्यमिक शिक्षा स्तर से ही व्यावसायिक शिक्षा के प्रावधान को लागू करने का भी निर्देश दिया।
अधिकारियों के साथ समीक्षा के दौरान शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्राथमिक और माध्यमिक से लेकर उच्च स्तर तक में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सरकार की प्राथमिकता है। अधिकारी आवश्यक कार्रवाई करें। निजी विद्यालय प्रबंधन अभिभावकों से अधिक फीस नहीं लें। बिहार निजी विद्यालय शुल्क विनियमन अधिनियम 2019 के तहत नियमावली का गठन शीघ्र करने का निर्देश दिया।
विभाग की सभी गतिविधियों को एक प्लेटफॉर्म पर लाने के लिए विकसित होगा वेब पोर्टल
मंत्री ने कोरोना संक्रमण को देखते हुए विभाग द्वारा दूरदर्शन और विभिन्न एप के माध्यम से बच्चों को पढ़ाई से जोड़े रखने की पहल की सराहना की। सिमुलतल्ला आवासीय विद्यालय जमुई के प्रबंधन को बेहतर करने के लिए आवश्यक सेवा शर्त नियमावली का गठन जल्द करने का निर्देश दिया।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को पूरी तरह लागू करने के लिए आवश्यक तैयारी करें। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में अपेक्षा की गई है कि सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 6 प्रतिशत शिक्षा का बजट होना चाहिए वर्तमान में राज्य सरकार के तहत शिक्षा विभाग का बजट बिहार राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 6 प्रतिशत है।
बजट के प्रावधान के अनुसार योजना तैयार करने का निर्देश दिया। विभाग की सभी गतिविधियों को एक प्लेटफॉर्म पर लाने के लिए वेब पोर्टल विकसित करने का निर्देश दिया। शिक्षक प्रशिक्षण कॉलेजों में लगभग 500 व्याख्याताओं की नियुक्ति में प्रारंभिक स्कूलों के शिक्षकों की सेवाकालीन प्रशिक्षण जो पुरानी व्यवस्था प्रखंड संसाधन केंद्र और संकुल संसाधन केंद्र के माध्यम से संचालित होती थी, इसकी समीक्षा करने का निर्देश दिया।
पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन से दी विभाग के कार्यों की जानकारी
इसके पहले प्रधान सचिव संजय कुमार ने शिक्षा मंत्री का स्वागत किया और अधिकारियों से परिचय कराया। शोध व प्रशिक्षण निदेशक डॉ. विनोदानंद झा ने पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से स्कूली शिक्षा में हो रहे कार्यों, विभिन्न योजनाओं और भविष्य की कार्य योजनाओं से की जानकारी दी।
समीक्षा बैठक में विशेष सचिव सतीश चंद्र झा, अपर सचिव गिरिवर दयाल सिंह, प्राथमिक शिक्षा निदेशक डॉ. रणजीत कुमार सिंह, निदेशक प्रशासन सुशील कुमार सहित विभिन्न निदेशालयों के अधिकारी मौजूद थे।