पूर्णिया : खाद-बीज के लिए लाइसेंस देने में रिश्वत लेना पूर्णिया के जिला कृषि पदाधिकारी को महंगा पड़ा। पटना से आई निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने डीएओ शंकर झा को मंगलवार को अपने कार्यालय कक्ष में 1.50 लाख रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफतार कर लिया।
खाद बीज व्यवसायी आलोक चौधरी उर्फ बमबम के दुकान का रद्द लाइसेंस को फिर से बहाल करने के लिए जिला कृषि पदाधिकारी ने दो लाख रुपये रिश्वत मांगा था। उसने 50 हजार रुपये पूर्व में रिश्वत के तौर पर दिया और निगरानी विभाग को इसकी शिकायत कर दी थी। हाल के दिनों में विवादास्पद कार्रवाई को लेकर जिला कृषि पदाधिकारी चर्चा में रहे हैं। खाद-बीज व्यवसायी संघ ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल रखा था तथा उन पर उर्वरक विक्रेताओं से रिश्वत मांगने का आरोप लगाया था। डीएओ के कार्यशैली के विरोध में कई दिनों तक खाद-बीज विक्रेताओं ने अपनी-अपनी दुकानें बंद रखी थी। बाद में वरीय अधिकारियों की पहल पर दुकानें खोली गई।
इधर, डीएओ ने अपनी हनक दिखते हुए काफी संख्या में खाद-बीज दुकानदारों के लाइसेंस रद्द कर दिए थे। उनमें डीलर बमबम चौधरी भी शामिल थे। अपने दुकान का लाइसेंस फिर से बहाल करने के लिए उन्होंने संयुक्त कृषि निदेशक को आवेदन दिया था। उस आवेदन पर फिर से लाइसेंस बहाल करने का आदेश जारी हुआ था। इसके बाद पदाधिकारी लाइसेंस जारी करने के लिए रुपये की मांग कर रहे थे। प्राप्त जानकारी अनुसार मंगलवार की दोपहर जिला कृषि पदाधिकारी शंकर झा दोपहर अपने कार्यालय कक्ष में एक और अधिकारी के साथ नाश्ता कर रहे थे।
इसी बीच बमबम चौधरी एक डायरी में डेढ़ लाख रुपये रखकर डीएओ के पास पहुंचे और उन्हें डायरी दिया। जैसे ही वे डायरी देकर लौटे, निगरानी की टीम वहां पहुंची और उन्हें दबोच लिया। निगरानी की टीम उन्हें गिरफ्तार कर अपने साथ पटना लेकर चली गई। बहरहाल निगरानी द्वारा डीएओ को पकड़ने जाने के बाद जिले के अन्य विभागों के भ्रष्ट अधिकारियों एवं कर्मचारियों में हड़कंप व्याप्त है। डीएओ की गिरफ़तारी के बाद देर शाम तक लोग कार्यालय प्रागंण में उनके गलत कारनामों का चर्चा करते दिखे।