बिहार-मुजफ्फरपुर-बीआरए बिहार विश्वविद्यालय के पीजी वन, टू और थ्री छात्रावास में मंगलवार को राजवद्र्धन हत्याकांड समेत कई घटनाओं के तार जुडऩे के बाद संदिग्धों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने सघन छापेमारी की।
एसएसपी जयंत कांत, सिटी एसपी राजेश कुमार, एसडीओ पूर्वी कुंदन कुमार, नगर डीएसपी रामनरेश पासवान आसपास की सात थानों की पुलिस के साथ पहुंचे तो पूरा विश्वविद्यालय परिसर पुलिस छावनी में तब्दील हो गया।
आसपास के लोग भारी संख्या में पुलिस बल और अधिकारियों को देख सकते में रहे। दरअसल, इसी समय ड्यूक छात्रावास को खोलने की मांग को लेकर कुछ छात्र कुलपति आवास के सामने पहुंचे थे। हंगामे की भी सूचना मिली थी। इसी समय पुलिस व प्रशासनिक पदाधिकारी पहुंच गए।
विवि से ली आवंटन सूची, फिर शुरू की छापेमारी
विश्वविद्यालय पहुंचते ही डीएसडब्ल्यू व छात्रावास अधीक्षक से पूछताछ की। साथ ही पीजी वन, टू व थ्री में जिन छात्रों के नाम से कमरे आवंटित हैं उसकी सूची मांगी गई। विवि प्रशासन की ओर से छात्रों की सूची उपलब्ध कराई गई।
इसके बाद अलग-अलग टीम छात्रावासों में तलाशी लेने के लिए गई। पीजी वन में पांच, पीजी टू में एक और पीजी थ्री में तीन छात्रों को हिरासत में लिया गया। इनके नाम से कमरा आवंटित नहीं था। जबकि, ये वहां अवैध रूप से रहते हुए पाए गए।
पीजी छात्रावास में छापेमारी के बाद एसएसपी जयंतकांत व एसडीओ कुंदन कुमार समेत अन्य अधिकारी एलएस कॉलेज पहुंचे। यहां प्राचार्य के साथ वार्ता करने के बाद ड्यूक छात्रावास पहुंचे। यहां कमरा संख्या 69 में जाकर वहां का हाल जाना। साथ ही घटनास्थल का भी निरीक्षण किया।
इस बारे में नगर डीएसपी रामनरेश पासवान ने कहा कि पिछली कुछ घटनाओं में हॉस्टल के छात्रों की संदिग्धता पाई गई है।
पिछले दिनों एलएस कॉलेज में छात्र की गोली मारकर हत्या के मामले को लेकर अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए पीजी छात्रावासों में छापेमारी की गई। नौ छात्रों को अवैध रूप से रहने के कारण हिरासत में लिया गया। हालांकि, पूछताछ के बाद इन्हें छोड़ दिया गया। आगे भी इस प्रकार की छापेमारी की जाएगी।