भागलपुर - प्यार सच में अंधा होता है। अंधा क्या, बहरा भी होता है। बस, अपनी ही जिद पर ठहरा रहता है। ऐसी ही जिद लेकर मोहदीपुर गिरधरपुर गांव में एक प्रेमिका पिछले दो माह से अपने प्रेमी के घर धरना पर बैठी थी।
प्रेमिका को बीच रास्ते में ही छोड़कर प्रेमी फरार हो गया था, जिसे फिर से पाने के लिए प्रेमिका ने यह अनोखा रास्ता चुना था। शुक्रवार को प्रेमी के गांव लौटते ही ग्रामीणों ने दोनों की शादी करा दी।
लॉकडाउन अवधि में दोनों के बीच प्यार चढ़ा था परवान गिरधरपुर गाव निवासी गौतम यादव और तारापुर हारपुर गाव की उषा कुमारी के बीच भागलपुर में इलाज के दौरान नजदीकी बढ़ी। गौतम के गांव में उषा की रिश्तेदारी होने के वजह से दोनों करीब आते चले गए।
इसी बीच लॉकडाउन हो गया। इस अवधि में दोनों के बीच प्यार इतना परवान चढ़ा कि शादी की नौबत आ गई। लॉकडाउन के बाद प्रेमिका खुद प्रेमी के घर शादी का प्रस्ताव लेकर पहुंच गई। वहां पता चला कि उसका प्रेमी तीन बच्चों का पिता है। उसे दो पुत्री और एक पुत्र है।
इस बात का भंडाफोड़ होने पर प्रेमी घर छोड़कर भाग निकला। लेकिन, प्रेमिका पीछे नहीं हटी। वह अब भी गौतम से शादी करने की जिद पर अड़ रही।
उसके घर धरना पर बैठी गई। तब ग्रामीणों ने पंचायत बुलाई, जिसमें निर्णय लिया गया कि गौतम के गांव लौटने के बाद दोनों की शादी करा दी जाएगी। दो माह बाद शनिवार को गौतम गांव लौटा।
ग्रामीणों ने उसे आपस में मामला सुलझाने के लिए एक दिन का वक्त दिया। कोई निर्णय नहीं लेने पर रविवार रात ग्रामीणों ने एकजुट होकर गौतम और उषा की शादी करा दी। उषा को गौतम के घर भेज दिया।