प्रसव के बाद जच्चा और बच्चे को रेलवे अस्पताल लाया गया, जहां दोनों स्वस्थ हैं। बच्चे के पिता रत्न कुमार सिंह भागलपुर में ही रेलवे टेलीकॉम विभाग में कार्यरत हैं। ट्रेन में पुत्र रत्न की प्राप्ति के बाद पिता ने मिठाईयां बांटकर खुशी का इजहार किया।
दंपती मुंगेर जिले के जमालपुर प्रखंड स्थित चलीमपुर का रहने वाले हैं। दरअसल, गुरुवार को रत्न कुमार पत्नी बबीता कुमारी को प्रसव कराने के लिए मेमू ट्रेन से भागलपुर लेकर आ रहे थे। दंपती महिला कोच में सफर कर रहे थे।
इस बीच महेशी स्टेशन के पास महिला को प्रसव पीड़ा होने लगा। इसके बाद रत्न ने इसकी सूचना भागलपुर आरपीएफ रेलवे को दी।
इधर, सूचना मिलते ही आरपीएफ की मेरी सहेली टीम और रेलवे अस्पताल के स्वास्थ्य कर्मी पूरी तरह एक्टिव हो गए और एक नंबर प्लेटफार्म पर ट्रेन के पहुंचने का इंतजार करने लगे। इस बीच नाथनगर-अकबरनगर के बीच ही कोच में बबीता ने पुत्र को जन्म दिया।
इधर, जंक्शन शाम 6.15 बजे ट्रेन पहुंची तो आरपीएफ की टीम और स्वास्थ्य कर्मी महिला कोच में प्रवेश किया ट्रेन के कोच को खाली कराया और महिला डॉक्टर ने जच्चा-बच्चा को देखा। नवजात और महिला दोनों स्वस्थ और सुरक्षित थे।
महिला को व्हील चेयर पर बिठाकर रेलवे अस्पताल ले गए। आरपीएफ इंस्पेक्टर अनिल कुमार सिंह ने बताया कि सूचना मिलते हैं आरपीएफ की महिला सहेली टीम को अलर्ट कर दिया गया था।
रेलवे अस्पताल के मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. सत्येंद्र कुमार ने बताया कि जच्चा और बच्चा पूरी तरह स्वस्थ है। उन्होंने बताया कि रत्न कुमार पत्नी को प्रसव कराने के लिए ही भागलपुर आ रहा था इस बीच रास्ते में ही बच्चे का जन्म हुआ। भागलपुर जंक्शन पर मेमू पैसेंजर स्पेशल करीब 15 मिनट रुकी रही।