ललन पासवान ने पटना में किया केस
वायरल ऑडियो में मामले में भाजपा के विधायक ललन पासवान ने पटना के निगरानी थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। इसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि लालू यादव ने कॉल कर उन्हें प्रलोभन देने की कोशिश की थी। इस वजह से उनके ऊपर IPC और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की सुसंगत धाराओं के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए।
ललन पासवान बोले - इस घटना से बहुत दुखी हूं
पटना में प्राथमिकी दर्ज कराने के बाद ललन पासवान ने प्रेस कांफ्रेंस की। उन्होंने कहा कि देश में लोकतंत्र की वजह से लालू यादव और मेरे जैसे गरीब लोग यहां तक पहुंचे हैं। इसके बावजूद लालूजी ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया में बाधा डालने की कोशिश की। उन्होंने यह समझा कि मैं दलित हूं तो बिकाऊ हूं। इस बात से मुझे बहुत दुख हुआ है। उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने का फैसला पार्टी ने एकमत होकर लिया है। पार्टी मेरे लिए मां के समान है। मैं मां के लिए हर सुख ठुकरा सकता हूं।
सुशील मोदी ने किया था खुलासा
दरअसल, 25 नवंबर को बिहार विधानसभा के स्पीकर पद के लिए चुनाव होना था। इससे पहले 24 नवंबर की देर रात भाजपा नेता सुशील मोदी ने ट्वीट कर लालू प्रसाद पर एनडीए विधायकों को फोन करने और उन्हें एनडीए के खिलाफ वोट करने के लिए प्रलोभन देने के आरोप लगाये थे। मोदी ने ट्वीट में एक नंबर भी जारी किया था, जिससे भाजपा विधायक ललन पासवान को खुद लालू द्वारा कॉल किये जाने की बात कही थी। मोदी के इस ट्वीट पर गुरुवार को ट्विटर ने कार्रवाई भी की है। 'निजता के हनन' की वजह से उनके ट्वीट को हटा दिया गया है।
मोदी ने ही 25 नवंबर को एक ऑडियो भी जारी किया था, जिसमें कथित तौर पर लालू यादव और भाजपा विधायक की बातचीत थी। इसी ऑडियो के वायरल होने के बाद बड़ा हंगामा खड़ा हुआ। भाजपा नेताओं ने रांची हाई कोर्ट में जनहित याचिका भी दाखिल की, जिसमें उनपर जेल मैनुअल के उल्लंघन का आरोप लगा है।
ट्वीट हटाने के पीछे की वजह
ट्विटर द्वारा सुशील मोदी का ट्वीट हटाने के पीछे सबसे बड़ी वजह उसमें मोबाइल नंबर दिया जाना है। यह किसी की निजता का हनन है, और इस माइक्रोब्लॉगिंग साइट की पालिसी के अनुसार ऐसे ट्वीट को हटाया जा सकता है। पूर्व में भी ट्विटर कई ऐसे ट्रोल्स पर कार्रवाई कर चुका है, जिन्होंने वरिष्ठ पत्रकारों, नेताओं और सेलिब्रिटीज के नंबर सार्वजनिक कर दिए थे। ऐसे ट्वीट्स को हटा दिया जाता है, या फिर ऐसा बार बार करने पर ट्विटर उस अकाउंट को हमेशा के लिए बंद कर सकता है।
मांझी और सहनी ने भी लगाए आरोप
लालू यादव द्वारा एनडीए विधायकों को फोन कर प्रलोभन दिए जाने के मामले में अब 'हम' प्रमुख जीतन राम मांझी और वीआईपी के मुकेश सहनी ने भी ऐसी ही बात कही है। जीतन राम मांझी ने कहा है कि लालू प्रसाद ने दर्जनों बार हमसे संपर्क करने की कोशिश की। हमें बताया गया कि लालू प्रसाद मुझे मुख्यमंत्री और बाकी हमारे विधायकों को मंत्री बनाना चाहते हैं। पता नहीं चल रहा कि वे जेल में हैं कि बाहर हैं। सुशील मोदी जो बोल रहे वह पूरा सच है। सीबीआई से जांच हो।
बिहार सरकार के मंत्री मुकेश सहनी ने भी कहा है कि उनके पास भी लालू प्रसाद की ओर से कॉल आया था। लेकिन उन्होंने साफ़ जवाब दे दिया है कि वे फिर से उनके जाल में फंसने वाले नहीं हैं।
लालू के खिलाफ हमलावर है भाजपा
भाजपा नेता रत्नेश कुशवाहा ने रांची हाइकोर्ट में लालू प्रसाद के खिलाफ जनहित याचिका दायर कर दिया है। याचिका में लालू प्रसाद पर जेल मैनुअल के उल्लंघन का लगाया आरोप है। लालू प्रसाद को रिम्स से हटाकर जेल भेजने और डायरेक्टर के बंगले को पुनः डायरेक्टर को दिये जाने की मांग की गई थी। इधर बिहार में डिप्टी सीएम तारकिशोर प्रसाद ने मुख्यमंत्री की सलाह से संवैधानिक दायरे में लालू प्रसाद पर कार्रवाई की बात कही थी। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने मांग की है कि लालू प्रसाद को तिहाड़ जेल भेजना चाहिए, क्योंकि रांची में उनकी सरकार है और उनकी सरकार सभी तरह के विपरीत आचरण कर कोर्ट का भी मखौल उड़ा रही है।