अब 60 वर्ष के बुजुर्ग अगर कोरोना पॉजिटिव होते हैं तो उन्हें होम आइसोलेशन की सुविधा नहीं मिलेगी। उन्हें अब आइसोलेशन सेंटर में भर्ती किया जाएगा। जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग ने स्थानीय रेलवे स्टेशन व कर्पूरी बस पड़ाव के अलावा दर्जनभर स्थानों पर चयन किया है।
जहां बसों को रोककर यात्रियों का सैंपल लेकर कोरोना जांच की जाएगी। इसके लिए टीम का गठन कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग के कोरोना के नोडल पदाधिकारी डॉ सतीश सिन्हा ने बताया कि ऐसे सभी बस स्टैंडों पर कोरोना की जांच होगी, जहां दिल्ली से बसें आती -जाती हैं।
यात्रियों की जांच के लिए एनएच पर मुसरीघरारी बंगरा और दलसिंहसराय में भी रहेगी जांच टीम
गुरुवार से दिल्ली, मुंबई की ओर से आने वाली बसों के यात्रियों की जांच के लिए एनएच पर तीन स्थानों का चयन किया गया है। बंगरा को मुख्य केंद्र बनाया गया है।
यहां राउंड दी क्लॉक स्वास्थ्य कर्मी रहेंगे। जहां दिल्ली, मुंबई से आने वाली बसों के यात्रियों को रोक कर कोरोना जांच की जाएगी। इसके अलावा जिले में जहां -जहां भी बस स्टैंड हैं वहां पर टीम को लगाया गया है।
स्टेशन पर राउंड दी क्लॉक जांच की व्यवस्था की गई
दिल्ली व मुंबई की ओर से आने वाले सभी यात्रियों की कोरोना जांच ट्रेन से उतरने के तुरंत बाद स्टेशन पर ही होगी। इसके लिए स्टेशन पर राउंड दी क्लॉक जांच की व्यवस्था की गई है। ट्रेन से उतरने वाले यात्रियों को फुट ओवर ब्रिज पर ही रोका जाएगा। जहां एक-एक कर सभी यात्रियों की सैंपल ली जाएगी।
रोसड़ा बस स्टैंड में जांच की व्यवस्था की गई
बताया गया है कि रोसड़ा से दिल्ली के लिए बसें खुलती व आती है। बसों से यहां भी कोरोना रोगियों के भी पहुंचने की संभावना है। ऐसी स्थिति में रोसड़ा बस स्टैंड में भी कोरोना जांच के लिए कर्मियों की तैनाती की गई है। जहां दिल्ली की बस से उतरने वाली यात्रियों की कोरोना जांच होगी।
सदर अस्पताल के ओपीडी व इंडोर में भी कोरोना जांच
अगर स्वास्थ्य कर्मियों को लगेगा कि इस एिरया में कोरोना रोगी हैं तो वह वहां कैंप लगाकर रोगियों की जांच करा सकते हैं। इसके अलावा सदर अस्पताल के ओपीडी व इंडोर में भी काेराेना जांच की व्यवस्था की गई है। कोरोना के नोडल पदाधिकारी डॉ सिन्हा ने बताया कि अभी औसतन रोज 5 हजार के आसपास जांच की जाती है, जिसे बढ़ाकर दस हजार करने का लक्ष्य है।