2020/11/27

बचपन में मां-बाप गुजरे, शादी तय कर लॉकडाउन में दादी चली गईं, अब डॉक्टर दंपत्ति करा रहे निक्कू की शादी

BIHAR-CHAPRA-छपरा सदर प्रखंड के डुमरिया गांव की निक्कू 3 साल की उम्र में ही अनाथ हो गई। मां-पिता दोनों का साया सिर से उठ गया। बूढ़ी दादी ने पाला-पोसा-बड़ा किया। 

शादी भी तय कर दी, लेकिन लॉकडाउन में वह भी साथ छोड़ गईं। निक्कू अब पूरी तरह बेसहारा हो गई। रिश्तेदार होने के नाते अब बुआ देखभाल करने लगीं, लेकिन निक्कू की शादी का खर्च उठाना उसके वश की बात नहीं थी।

डॉक्टर दंपत्ति बना सहारा
निक्कू की शादी का खर्चा जुटाने के लिए उसकी बुआ लोगों से गुहार लगाने लगी। इसी बीच जब इसकी जानकारी संजीवनी सेवा सदन के अध्यक्ष डॉ अनिल कुमार, डॉ संजू प्रसाद को हुई तो उन्होंने निक्कू की शादी का खर्च वहन करने का निर्णय लिया। चिकित्सक दंपति ने निक्कू की शादी के लिए बर्तन, कपड़े तथा उपहार में सभी आवश्यक सामग्री भेंट की, साथ ही अन्य आवश्यक सहायता भी दी।

30 नवंबर को होगी निक्कू की शादी
निक्कू की शादी रिविलगंज प्रखंड के जान टोला गांव में तय हुई है। 26 नवंबर की रात को तिलकोत्सव भी हो गया। अब 30 नवंबर को उसकी शादी होगी। चिकित्सक दंपति के द्वारा निक्कू की शादी का सारा खर्च उठाए जाने से डुमरिया गांव के लोग और निक्कू की बुआ काफी खुश है।

 चिकित्सक दंपति के द्वारा प्रतिवर्ष गरीब कन्या की शादी कराई जाती है। इस काम में चिकित्सक दंपति के पुत्र डॉ विशाल कुमार और पुत्री डॉ नेहा कुमारी का योगदान भी काफी सराहनीय है। इसके अलावा संजीवनी सेवा सदन परिवार से जुड़े सभी सदस्यों की भी महत्वपूर्ण भूमिका है।