अदालत में आवेदन दे न्यायाधीश से किया था अनुरोध
बताते चलें कि हरदिया निवासी मिस्टर हाजला मुफस्सिल थाने में दर्ज एक मामले में जेल में बंद था। जेल से ही मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ठाकुर अमन कुमार की अदालत में एक आवेदन प्रेषित करते हुए न्यायाधीश से अनुरोध किया कि ग्रामीण रौनक परवीन के साथ बरसों से पठन-पाठन के दौरान ही उसका प्रेम प्रसंग चल रहा है। वह शादी के लिए तैयार था, परंतु माता-पिता के द्वारा शादी में अवरोध डाला जा रहा था।
मजबूरन रौनक परवीन के परिवार वालों ने उसके खिलाफ उक्त मुकदमा दर्ज कराया। उन्होंने अपने आवेदन में यह भी लिखा कि वे आज भी रौनक से शादी करने के लिए तैयार हैं। इस आवेदन के पक्ष में वरीय अधिवक्ता ललन कुमार ने मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के समक्ष अर्जी पेश करते हुए कहा कि जब प्रेमी युगल एक दूसरे से स्वेच्छा पूर्वक शादी करने के लिए तैयार हैं तो इनके आवेदन पर विचार करते हुए शादी करने का आदेश दिया जाए।
अधिवक्ता-मुवक्किल हुए शामिल, शारीरिक दूरी का रखा ख्याल
न्यायाधीश ने प्रेमी के आवेदन पर आदेश देते हुए शादी का आदेश दिया। इसके बाद एडीआर बिल्डिंग में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव धीरेंद्र कुमार पांडे को इस शादी की सूचना दी गई और शादी रचाई गई। काफी संख्या में अधिवक्ता और अधिवक्ता लिपिक, मुवक्किल शादी समारोह में शारीरिक दूरी का पालन करते हुए शामिल हुए।