पूछताछ में मिले हैं कई महत्वपूर्ण सुराग
एसपी अमितेश कुमार के निर्देश पर अलौली थानाध्यक्ष परेंद्र कुमार व एसटीएफ की टीम फरकिया में कई दिनों से उसकी टोह ले रही थी।
उसके जिंदा अथवा मुर्दा पकड़ाने पर सरकार द्वारा 50 हजार का इनाम घोषित किया गया था। उससे पूछताछ में कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। कई मामलों में उसकी तलाश कोसी और मिथिलांचल के कई जिलों की पुलिस को थी।
अमौसी नरसंहार मामले का भी है आरोपित
मंगलवार को अलौली थाना परिसर में प्रेस कांफ्रेंस आयोजित कर सदर एसडीपीओ आलोक रंजन ने इसे पुलिस की बड़ी सफलता बताते हुए कहा कि मनोज सदा पर कई जिलों में एक दर्जन से अधिक संगीन मामले दर्ज हैं। वर्ष 2009 में अमौसी के बधार बहियार में 16 किसानों के नरसंहार मामले का भी वह आरोपित है।
लॉकडाउन के दौरान सहरसा क्षेत्र में उसने एके 47 से फरकिया के कुख्यात रामानंद यादव की गोलियों से छलनी कर हत्या कर दी थी। उसकी गिरफ्तारी से पुलिस की साख बढ़ी है। उसके गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी को लेकर टीम को टास्क दिए गए हैं। मनोज सदा को अलौली थाना के पीपरपांति से मंगलवार को गिरफ्तार किया गया।
मिली जानकारी के अनुसार नक्सली एरिया कमांडर मनोज की गिरफ्तारी बाद से खुफिया टीम भी पूछताछ को लेकर सक्रिय हो उठी है। हाल ही में संपन्न हुए बिहार विधानसभा चुनाव में अलौली (सुरक्षित) सीट से मनोज की पत्नी स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ी थी।