संबोधन के दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का बिना नाम लिए कहा कि जो लोग पिछले 15 वर्षों में बिहार का सर्वांगीण विकास नहीं कर पाए, वे अगले 5 वर्ष में भी नहीं कर पाएंगे। इतना समय बहुत होता है।
सभास्थल पर उपस्थित भीड़ से संवाद करते हुए कहा कि कहा कि मैं ठेठ बिहारी हूं। इसलिए मैं दूसरों की तरह झूठ नहीं बोल सकता। हमें एक मौका दीजिए।
सरकार गठन के बाद मंत्रिमंडल की पहली बैठक में 10 लाख सरकारी नौकरी देने के लिए अपना पहला हस्ताक्षर करूंगा। वृद्धापेंशन की राशि चार सौ रुपये से बढ़ाकर एक हजार करने का भी वादा किया।
आशा, जीविका समूह से जुड़े लोगों, विकास मित्र, स्वयं सहायता समूह का मानदेय दोगुना व नियमित करने और समान काम के लिए समान वेतन देने की बातें कही। उन्होंने प्याज का नाम लेकर भाजपा पर तंज कसा।
कहा एक बार प्याज महंगी हो गई थी तो वे लोग गले में प्याज की माला पहनकर घूम रहे थे। अब, महंगाई उनकी भौजाई हो गई है। आमजन को भ्रम फैलाने वाले लोगों से सतर्क रहने की सलाह देते हुए महागठबंधन प्रत्याशी जिताने की अपील की।