डूबने के पश्चात पटोरी के अंचल पदाधिकारी के द्वारा गोताखोर उपलब्ध नहीं कराने के बाद लोग उबल पड़े तथा स्थानीय व्यवहार न्यायालय के समीप पटोरी-समस्तीपुर पथ को जाम कर दिया।
आक्रोशित लोगों ने पटोरी के अंचल पदाधिकारी के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की तथा कहा कि घटना की सूचना के 5 घंटे बाद भी कोई गोताखोर उपलब्ध नहीं कराया गया।
लोगों का आरोप था कि यदि गोताखोर समय पर उपलब्ध करा दिया जाता है तो उसे बाहर निकाला जा सकता था। विरोध में लोगों ने सड़क पर टायर जलाकर प्रदर्शन किया तथा लगभग 3 घंटे तक आवागमन को अवरुद्ध रखा।
घटना के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार चकसलेम निवासी प्रयाग पासवान का पुत्र अमित कुमार जो पेशे से ड्राइवर है, अपने साथियों के साथ दोपहर में बाया नदी पर स्थित तिवारीपुर घाट पर स्नान करने गया।
स्नान करने के क्रम उसका पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चला गया। जब वह डूबने लगा तब लोगों ने शोर मचाया और उसे निकालने का प्रयास किया, ङ्क्षकतु उसे नहीं बचाया जा सका। सूचना पटोरी के सभी प्रशासनिक अधिकारियों को मोबाइल से दी गई।
लोगों ने आरोप लगाया कि बार-बार सूचना देने के बाद भी थी न तो कोई गोताखोर भेजा गया और न ही कोई प्रशासनिक अधिकारी उनकी सुधि लेने पहुंचे। समाचार लिखे जाने तक सड़क जाम कर लोग प्रदर्शन कर रहे थे। परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। युवक को नदी में अपने स्तर से लोग खोजने में जुटे हुए हैं।