जिले की पॉजिटिविटी रेट मात्र 2.3
जिला कायर्क्रम प्रबंधक विनय रंजन ने कहा कोरोना संक्रमण काल में मीडिया ने सराहनीय कार्य किया है. उन्होंने सेन्टर फॉर एडवोकेसी एण्ड रिसर्च(सीफ़ार) द्वारा किये गये कार्यों की प्रसंशा करते हुए कहा कि सीफार ने भी इस बीच स्वास्थ्य विभाग एवं मीडिया के बीच सामंजस्य स्थापित करने में एक अहम भूमिका निभायी है. सभी स्वास्थ्य अधिकारियों, जिला प्रशासन के सहयोग से तथा अन्य विभागों के द्वारा किए गए कोरोना संक्रमण रोकथाम की दिशा में किये गए प्रयासों का फल कि कि सहरसा जिले के पॉजिटिविटी रेट में कमी आयी है। वत्तर्मान में जिले में कोरोना संक्रमित होने की पॉजिटिविटी रेट मात्र 2.3 है। डीपीएम विनय रंजन ने कहा मीडिया द्वारा निरंतर कोरोना को लेकर खबरें लिखने के कारण स्वास्थ्य विभाग को अपने संदेश जन-जन तक पहुँचाने में काफी हद तक सफलता मिली है।
मीडियाकर्मियों को भी पालन करने चाहिए कोरोना के नियम
डीपीएम विनय रंजन ने मीडियाकर्मियों को भी कोरोना संक्रमण से बचाव के तरीकों पालन करने का अनुरोध किया। उनका कहना है कि मीडियाकर्मियों को पूरे दिन घर से बाहर रहकर अपने दायित्वों का निर्वहन करते हैं। इस कार्य हेतु उन्हें कई जगहों पर आना-जाना होता है ऐसे में मीडियाकर्मियों द्वारा कोविड- 19 से बचने के नियमों का कठोरता से पालन करना चाहिए। उन्हें अपने साथ सेनेटाईजर की छोटी बोतल रखने एवं मास्क का भी उचित ढ़ंग से उपयोग करने की बात कही। उन्होंने कहा मीडिया ने काफी गंभीरता से कोरोना संक्रमण काल में अपनी भूमिका का निर्वहन किया है. इसलिए यह जरुरी है कि वह भी अपना पूरा ख्याल रखें. अभी भी कोरोना पर पूर्णता विराम नहीं लगी है. संक्रमण का खतरा अब भी बना है. उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि कोरोना संक्रमण से बचने का एक ही मूल मंत्र है, ‘जब तक दवाई नहीं, कोई ढ़िलाई नहीं’.