2020/10/20

कोरोना संक्रमण के मामले में जल्दीबाजी ठीक नहीं, हो सकते हैं दोबारा संक्रमित

BIHAR-SUPAUL-कोरोना संक्रमण से ठीक हो चुके लोगों को अभी और अधिक एहतियात बरतने की आवश्यकता है। खासकर ऐसे समय में जब त्यौहार एवं चुनाव का समय चल रहा हो। हालांकि अबतक सुपौल जिले में कोरोना से दोबारा संक्रमित होने वाले मरीज नहीं के बराबर पाये गये हैं। लेकिन विश्व एवं देश के कई कोनों से कोरोना से दुबारा संक्रमित होने की आ रही खबरों को देख त्यौहार एवं चुनाव के दौरान कोरोना प्रोटोकॉल का पालन निश्चित रूप से करना चहिए।

वैक्सीन या दवा विकसित होने तक बरतें अधिक सावधानी 
जिला स्वास्थ्य समिति सुपौल के जिला कार्यक्रम प्रबंधक बाल कृष्ण चौधरी ने बताया कि लोगों द्वारा कोरोना काल में बरती गई सावधानियाँ, जिला प्रशासन स्तर से किये गये व्यापक प्रचार-प्रसार से आयी जागरूता, जिले प्रत्येक स्तर पर कायर्रत स्वास्थ्य कमिर्यों द्वारा किये गये उचित प्रबंधन, लोगों द्वारा कोरोना संक्रमण से बचाव के नियमों का सख्ती से पालन जैसे- मास्क का उचित तरीके से उपयोग, शारीरिक दूरी बनाये रखना, भीड़-भाड़ से बचना आदि ऐसे कई कारण हैं जिससे जिले में कोरोना के मामलों में कमी आयी है। लेकिन आवश्यकता इस बात है कि जब तक कोरोना के वैक्सीन या दवा विकसित नहीं हो जाती तबतक इन नियमों का सख्ती से पालन किया जाय।

कोरोना संक्रमण का दोबारा होना ज्यादा खतरनाक होगा-
इस संबंध में जिला स्वास्थ्य प्रबंधक द्वारा बाताया गया कि अध्ययन बताते हैं कि कोरोना से दोबारा संक्रमित होने वाले मरीजों में कोरोना के दूसरे लक्षण उजागर होते हैं। खासकर उनके शरीर का ऑक्सीजन स्तर ज्यादा तेजी से कम होता है। उन्हें सांस लेने में काफी कठिनाई होती है। कोरोना संक्रमण से दोबारा संक्रमित होने में रोग प्रतिरोधक क्षमता की भी अहम भूमिका है। शोध बताते हैं कि कोरोना से पहली बार  संक्रमित होकर ठीक हुए लोगों में विकसित हुई एण्टीबॉडी के प्रभाव में आयी दिन प्रतिदिन की गिरावट से उनके संक्रमित होने की संभावना बढ़ जाती है। इस दौरान इनकी रोग प्रतिरोधक  क्षमता भी कम हो चुकी होती है।

कोरोना संक्रमण से ठीक हुए लोगों को बरतनी चाहिए अतिरिक्त सावधानियाँ-
कोरोना संक्रमण से ठीक हो चुके लोगों के बारे में बताते हुए डीपीएम बालकृष्ण चौधरी ने कहा कि एक बार कोरोना से संक्रमित हो चुके व्यक्ति जो अब ठीक हो चुके हैं, को अपना खास ख्याल रखना चाहिए। ठीक होने बाद कोरोना संक्रमण से बचाव के तरीकों को अपनाने की किसी भी तरह से कोताही नहीं करनी चहिए। साथ ही अपने खान-पान पर भी विशेष सावधानी रखने आवश्यक्ता है। उन्हें लगातार प्रतिरोधक क्षमता विकसित एवं बनाये रखने वाले पौष्टिक भोजन का सेवन करना चहिए। कोरोना संक्रमित मरीजों के मुंह का स्वाद जाना भी कोरोना संक्रमण के लक्षणों में से एक है। ऐसे में भोजन में बरती गई लापरवाही से दोबारा संक्रमित होने का खतरा बढ़ जाता है। कोरोना संक्रमण से बचने के लिए मास्क (mask) यानि  M- मेरा, A- अपना, S-सुरक्षा, K- कवच को समझना अति आवश्यक है।

कोरोना काल में  इन उचित व्यवहारों का करें पालन 
- एल्कोहल आधारित सैनिटाइजर का प्रयोग करें।
- सार्वजनिक जगहों पर हमेशा फेस कवर या मास्क पहनें।
- अपने हाथ को साबुन व पानी से लगातार धोएं।
- आंख, नाक और मुंह को छूने से बचें।
- छींकते या खांसते वक्त मुंह को रूमाल से ढकें।